Uttar Pradesh

Kanpur News: IIT कैंपस में कोई छात्र नहीं रहेगा अकेला, जानिए नई पहल, 24 घंटे काउंसलर देंगे सहारा

कानपुर. आईआईटी कानपुर, जो अपने शोध और तकनीक के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, आज भी अपनी बेमिसाल उपलब्धियों के लिए पहचान रखता है. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में कैंपस से सामने आई आत्महत्या की घटनाओं ने सभी को झकझोर कर रख दिया. इन घटनाओं ने यह सोचने पर मजबूर किया कि देश के सबसे होनहार छात्र आखिर इतने गहरे तनाव में क्यों हैं. अब इस गमगीन माहौल को बदलने और छात्रों को अकेलेपन व मानसिक दबाव से बाहर निकालने के लिए आईआईटी प्रशासन ने कमर कस ली है. संस्थान ने एक ऐसा सुरक्षा और सहयोग का ढांचा तैयार किया है, जिससे कोई भी छात्र खुद को अकेला महसूस न करे.

पढ़ाई के बोझ के बीच ‘मन’ का भी होगा इलाजसंस्थान ने अपनी गलतियों से सबक लेते हुए अब ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र’ का विस्तार किया है. यहां 10 अनुभवी मनोवैज्ञानिक तैनात किए गए हैं, जो छात्रों की मानसिक उलझनों को सुलझाने में मदद करेंगे. इसके साथ ही वरिष्ठ डॉक्टरों का एक पैनल भी गठित किया गया है, जो हर समय छात्रों के सहयोग के लिए उपलब्ध रहेगा. सबसे अहम बात यह है कि अब संस्थान में 24 घंटे इमरजेंसी सहायता की सुविधा शुरू कर दी गई है. दिन हो या रात, यदि किसी छात्र को घबराहट हो या वह मानसिक रूप से टूटता हुआ महसूस करे, तो उसे तुरंत सहारा देने के लिए विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे.

सीनियर छात्र बनेंगे ‘बड़े भाई-बहन’अक्सर घर से दूर आने पर नए छात्र अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आईआईटी ने ‘पीयर मेंटरिंग’ की शुरुआत की है. इसके तहत सीनियर छात्र अपने जूनियर्स के लिए बड़े भाई-बहन की भूमिका निभाएंगे. वे न केवल पढ़ाई में मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि उनके सुख-दुख के साथी भी बनेंगे. इससे नए छात्रों को ऐसा भरोसेमंद दोस्त मिलेगा, जिसके सामने वे बिना किसी झिझक के अपने मन की बात कह सकेंगे.

पहले हफ्ते में ही होगी जांच, ताकि कोई न छूटे पीछेअब जैसे ही कोई नया छात्र कैंपस में कदम रखेगा, उसके पहले ही हफ्ते में मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जाएगी. यदि इस स्क्रीनिंग में यह सामने आता है कि कोई छात्र तनाव में है या किसी परेशानी से जूझ रहा है, तो विशेषज्ञ स्वयं उससे संपर्क कर बातचीत करेंगे. इसका उद्देश्य यही है कि समस्या गंभीर होने से पहले ही उसकी पहचान कर ली जाए और समय रहते छात्र को आवश्यक सहायता मिल सके.

गार्ड और मेस कर्मचारी भी रखेंगे ध्यानआईआईटी ने अब एक और बड़ा कदम उठाया है. संस्थान में प्रोफेसरों के साथ-साथ सिक्योरिटी गार्ड, मेस स्टाफ, सफाई कर्मचारी और लाइब्रेरी कर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ये सभी दिन-रात छात्रों के संपर्क में रहते हैं. उन्हें यह सिखाया जा रहा है कि यदि कोई छात्र गुमसुम दिखे, खाना न खाए या कमरे से बाहर न निकले, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके. इसके साथ ही, केवल कमरों में बंद रहकर पढ़ाई करने से बढ़ने वाले तनाव को कम करने के लिए कैंपस में मेल-जोल बढ़ाने वाले कार्यक्रमों जैसे ‘रन फेस्ट’ और त्योहारों के आयोजनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.

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