Uttar Pradesh

Kannauj Perfume : अनोखी, मोहक, लंबे समय तक टिकने वाला…कन्नौज के इस इत्र में हरसिंगार की महक

Last Updated:January 27, 2026, 19:24 ISTJasmine Perfume : कन्नौज का इत्र पूरी दुनिया में मशहूर है. इसी वजह से इस शहर को इत्र नगरी के नाम से जानते हैं. इत्र व्यापारियों ने इस बार हरसिंगार के फूल से खास इत्र तैयार बनाया है. ये अपनी अनोखी, मोहक और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू की वजह से तेजी से लोकप्रिय हो रही है. लोकल 18 से बात करते हुए इत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते हैं कि हरसिंगार के फूलों से प्राकृतिक विधि के जरिये पहले अर्क निकाल गया. फिर पारंपरिक देग-भापका पद्धति से इत्र को बनाया गया है.कन्नौज. इत्र नगरी के नाम से मशहूर कन्नौज के खुशबू की पूरी दुनिया कायल है. सैकड़ों साल से सुगंध निर्माण की परंपरा को संजोए हुए कन्नौज के इत्र व्यापारियों ने इस बार हरसिंगार के फूल से विशेष इत्र तैयार कर बाजार में उतारा है. अपनी अनोखी, मोहक और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू के कारण ये इत्र लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. हरसिंगार का फूल धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से पहले से ही खास महत्त्व रखता है. अब उसी फूल से तैयार किया गया इत्र सुगंध प्रेमियों को एक नया अनुभव दे रहा है. लोकल 18 से बात करते हुए इत्र व्यापारी बताते हैं कि हरसिंगार के फूलों से प्राकृतिक विधि के जरिये अर्क निकालकर पारंपरिक देग-भापका पद्धति से यह इत्र बनाया गया है. इसकी खुशबू इतनी सौम्य और आकर्षक है कि पहली ही बार में मन मोह लेती है.

लंबे समय तक टिकने वाला

इस इत्र की खासियत है इसका पूरी तरह प्राकृतिक होना. इसकी महक कपड़ों पर लंबे समय तक बनी रहती है. इत्र लगाने के बाद घंटों तक इसकी भीनी-भीनी महक आसपास के वातावरण को भी सुगंधित कर देती है. इत्र निशीष तिवारी बताते हैं कि यह इत्र खासतौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो रासायनिक खुशबुओं की बजाय प्राकृतिक सुगंध को पसंद करते हैं. हरसिंगार इत्र की शुरुआत ₹600 में 10 ग्राम होती है. इसकी शुद्धता, खुशबू की तीव्रता और तैयार करने की प्रक्रिया के अनुसार कीमत में बढ़ोतरी भी हो सकती है. उच्च गुणवत्ता वाले इत्र की कीमत इससे कहीं अधिक बताई जा रही है.

विदेशी ग्राहकों की उम्मीद

व्यापारियों को उम्मीद है कि यह नया इत्र घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशी ग्राहकों को भी आकर्षित करेगा. इत्र व्यापारी निशीष तिवारी के मुताबिक, कन्नौज में वर्षों पुरानी इत्र बनाने की परंपरा आज भी जीवित है और समय के साथ इसमें नए प्रयोग किए जा रहे हैं. हरसिंगार का इत्र इसी नवाचार का उदाहरण है, जिसने कन्नौज की खुशबू को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. इत्र नगरी की यह पहल न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा देगी बल्कि कन्नौज की ऐतिहासिक पहचान को भी और मजबूत करेगी.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Kannauj,Uttar PradeshFirst Published :January 27, 2026, 19:24 ISThomeuttar-pradeshअनोखी, मोहक, लंबे समय तक टिकने वाला…कन्नौज के इस इत्र में हरसिंगार की महक

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