रामपुर: नहाते समय, तैराकी के दौरान या बारिश में भींगने पर अक्सर कान में पानी चला जाता है. इसके बाद ज़्यादातर लोग घबरा जाते हैं और तुरंत रुई, माचिस की तीली या उंगली से कान साफ करने लगते हैं, जबकि यही सबसे बड़ी गलती होती है.
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि कान में पानी चले जाने पर घबराने की ज़रूरत नहीं है बस सही और सुरक्षित तरीका अपनाना जरूरी है. आइए समझते हैं कि कान में गया पानी कैसे निकाला जाए और किन बातों से बचना चाहिए.
क्या है कान में पानी निकालने के उपाय
सबसे पहले प्रभावित कान को नीचे की ओर झुकाएं, जिस कान में पानी गया है उसी तरफ सिर झुकाकर खड़े हो जाएं या बैठ जाएं इसके बाद कान के निचले हिस्से यानी लोब को हल्के हाथ से नीचे या पीछे की ओर खींचें इससे कान की नली थोड़ी सी सीधी हो जाती है और कई बार पानी अपने आप बाहर आ जाता है.
अगर इससे फायदा न हो तो करवट लेकर लेटना भी अच्छा तरीका है जिस कान में पानी गया हो उसी तरफ करवट लेकर 5 से 10 मिनट तक लेट जाएं. गुरुत्वाकर्षण की वजह से पानी धीरे-धीरे बाहर निकल सकता है. यह तरीका बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है.
डॉक्टर इकबाल बताते हैं कि जम्हाई लेना या चबाने जैसी क्रिया करना भी मददगार हो सकता है. जब हम जम्हाई लेते हैं या कुछ चबाते हैं, तो कान के अंदर मौजूद यूस्टेशियन ट्यूब खुलती है इससे अंदर फंसा हुआ पानी बाहर की ओर आने लगता है. कई बार यह तरीका तुरंत राहत दे देता है.
एक और असरदार तरीका है वैक्यूम बनाना इसके लिए अपनी हथेली को प्रभावित कान पर कसकर रखें और फिर हल्का-सा दबाव बनाते हुए हथेली को आगे-पीछे करें इससे कान के अंदर एक वैक्यूम बनता है जो पानी को बाहर खींचने में मदद करता है. ध्यान रखें कि बहुत ज़ोर से दबाव न डालें यह प्रक्रिया धीरे और आराम से करें.
हेयर ड्रायर टेक्निक
अगर कान में पानी ज्यादा देर तक फंसा हुआ महसूस हो रहा हो, तो हेयर ड्रायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन इसमें सावधानी बेहद जरूरी है. हेयर ड्रायर को हमेशा सबसे कम हीट और लो स्पीड पर रखें और कान से कम से कम एक फीट की दूरी बनाए रखें. गर्म हवा को कुछ सेकंड तक कान की ओर आने दें इससे अंदर की नमी सूखने लगती है और पानी बाहर निकल सकता है.
रुई या कॉटन स्वैब का ना करें इस्तेमाल
कान में पानी चला जाए तो सबसे पहले रुई या कॉटन स्वैब का ख्याल दिमाग में आता है, लेकिन ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है. रुई या कान साफ करने वाली छड़ी पानी को बाहर निकालने की बजाय और अंदर धकेल देती है. इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
उंगली डालकर कान खुजलाना भी गलत आदत है. इससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और बैक्टीरिया आसानी से अंदर चले जाते हैं. कई बार यही छोटी सी लापरवाही कान के तेज दर्द या पस बनने की वजह बन जाती है.
डॉक्टर से करें संपर्क
अगर कान में गया पानी 2–3 दिनों तक बाहर न निकले और लगातार भारीपन महसूस हो, तेज दर्द हो खुजली बढ़ जाए या मवाद जैसा कुछ निकले तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. यह इंफेक्शन का संकेत हो सकता है जिसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं.
कान नाजुक अंग है इसलिए घरेलू नुस्खों में भी सावधानी सबसे जरूरी
कान में पानी जाना आम बात है, लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से लोग गलत तरीके अपनाकर परेशानी बढ़ा लेते हैं. थोड़ी सी समझदारी और सही उपाय अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है याद रखें कान नाजुक अंग है इसलिए घरेलू नुस्खों में भी सावधानी सबसे जरूरी है.

