Uttar Pradesh

जनवरी में इस तरीके से करें लौकी की खेती, भीषण ठंड में लहलहाएगी फसल, खूब होगी पैदावार

Last Updated:January 10, 2026, 11:16 ISTAgriculture Tips: शाहजहांपुर में कड़ाके की ठंड के बीच किसान लौकी की अगेती खेती से मुनाफा कमा सकते हैं. जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार लो-टनल तकनीक और नर्सरी विधि से बीज अंकुरण बेहतर होता है. इससे मार्च–अप्रैल में फसल बाजार में जल्दी पहुंचकर दोगुना दाम मिल सकता है.शाहजहांपुर: जनवरी के महीने में जब उत्तर भारत भीषण शीतलहर की चपेट में है, प्रगतिशील किसान गर्मियों की तैयारी अभी से शुरू कर रहे हैं. बाजार में मार्च और अप्रैल के दौरान लौकी की मांग चरम पर होती है, उस समय अगेती फसल लाने वाले किसानों को सामान्य से दोगुना भाव मिलता है. हालांकि, इस समय गिरता तापमान बीज अंकुरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में लो-टनल तकनीक और सही प्रबंधन अपनाकर किसान न केवल कड़ाके की ठंड से अपनी फसल बचा सकते हैं, बल्कि सीजन की सबसे पहली खेप बाजार में उतारकर लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं.

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि जनवरी में लौकी की बुवाई करते समय सबसे बड़ी चुनौती तापमान है. लौकी के बीज को अंकुरित होने के लिए कम से कम 20-25 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में पारा काफी नीचे है. इसलिए, किसानों को इस समय खुले खेतों के बजाय ‘पॉली टनल’ या ‘प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन’ से बुवाई करनी चाहिए. साथ ही, बीजों को सीधे खेत में लगाने के बजाय यदि प्रो-ट्रे में नर्सरी तैयार की जाए, तो पौधों के जीवित रहने की दर 90% तक बढ़ जाती है. अगेती फसल के लिए उन्नत किस्मों का ही चुनाव करें.

लो-टनल विधि से कैसे करें खेती

जनवरी में बुवाई के लिए लो-टनल विधि सबसे कारगर है. सबसे पहले खेत की अच्छी जुताई गोबर की सड़ी हुई खाद या फिर वर्मी कंपोस्ट को खेत की अंतिम जुताई के समय मिट्टी में मिला दें, उसके बाद पाटा चला कर खेत को समतल करें. उसके बाद 2-2.5 मीटर की दूरी पर बेड बना लें. बुवाई से पहले बीजों को 12 घंटे पानी में भिगोएं और फंगीसाइड से उपचारित करें. बेड पर उचित दूरी पर बीज लगाएं और तुरंत मल्चिंग फिल्म का उपयोग करें ताकि नमी और गर्मी बनी रहे. बेड के ऊपर बांस की खपच्चियों या लोहे के तारों को धनुषाकार आकार में गाड़ दें. इसके ऊपर 25-30 माइक्रोन की पारदर्शी प्लास्टिक शीट ढक दें. यह टनल ‘ग्रीनहाउस’ की तरह काम करती है, जिससे अंदर का तापमान बाहर की तुलना में 5-8 डिग्री अधिक रहता है, जिससे पौधे पाले से सुरक्षित रहते हैं और तेजी से बढ़ते हैं. इस विधि से किस अभी लौकी की फसल को उगा सकते हैं और जैसे ही तापमान में बढ़ोतरी हो टनल को हटा दें.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 10, 2026, 11:16 ISThomeagricultureजनवरी में इस तरीके से करें लौकी की खेती, भीषण ठंड में लहलहाएगी फसल

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