Uttar Pradesh

जहां हर दिन जलते हैं 100 शव, अब 234 साल बाद बदल जाएगा नजारा, PM मोदी से है कनेक्शन

वाराणसी. एक समय था जब बनारस में विकास की तस्वीर धुंधली हुआ करती थी. पर अब दुनिया बदलते हुए बनारस की तस्वीर देख रही है. यहां विकास का पहिया अभी भी तेजी से चल रहा है. इसमें धर्म, अध्यात्म और संस्कार का समावेश भी शामिल है. इसी कड़ी में, अब मणिकर्णिका घाट की तस्वीर भी बदलने वाली है. जी हां, वही मणिकर्णिका घाट जो महा श्मशान घाट कहा जाता है. यहां हर दिन 100 से ऊपर शवों का अंतिम संस्कार होता है. हालांकि, शवों को लेकर जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. संकरी गलियों से होकर जाने वाला घाट अब हाईटेक मोक्ष धाम बनने जा रहा है. दरअसल, काशी के सबसे प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट का नव निर्माण किया जा रहा है. आइए जानते हैं ये घाट कैसा होगा, यहां किस तरह की सुविधाएं मिलने जा रही हैं.

सबसे पहले हम नक्शा की बात करें तो इसमें नवनिर्मित मणिकर्णिका घाट को दिखाया गया है. इसमें भवन, गैलरी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय और शवों के लिए प्लेटफार्म नजर आ रहे है. जब इस नक्शे के अनुसार मणिकर्णिका घाट का नवीनीकरण हो जाएगा तो शानदार नजारा देखने को मिलेगा. यहां अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को शवों के अंतिम संस्कार के प्रतीक्षा के लिए बैठने से लेकर हर सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

दरअसल, वाराणसी का मणिकर्णिका घाट काफी प्रसिद्ध है. यहां प्रत्येक दिन सौ से अधिक शव आते हैं और उनका दाह संस्कार होता है. कहा जाता है कि जो लोग काशी में नहीं रहते हैं उनका भी यदि दाह संस्कार यहां किया जाता है तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी मोक्ष की लालसा के साथ दूर दराज, दूसरे शहरों यहां तक कि पश्चिम बिहार से भी रोजाना शव यहां आते हैं, जिनका अंतिम संस्कार होता है. ऐसे में उन्हें सुविधाएं देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यहां ड्रीम प्रोजेक्ट की योजना लाई गई.

ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत एक दो मंजिला भवन, 38 शवों के नए प्लेटफार्म, प्रवेश प्रांगण, अप्रोच मार्ग, पंजीकरण कार्यालय, आंगन सहित आगंतुक भवन, लकड़ी के ढुलाई का रैंप, पेयजल की सुविधा, प्रतीक्षालय, शौचालय और दर्शन व्यू गैलरी भी शामिल होगी. इसके साथ ही बाढ़ में आने वाले शवों को अंतिम संस्कार के लिए भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि बड़ी बात ये है कि इस नवीनीकरण में आने वाले मूर्तिकलाओं और मंदिरों को संरक्षित किया जाएगा और उनका भी नवीनीकरण किया जाएगा. इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ संस्कार का भी समावेश होगा.

स्थानीय निवासी अभिषेक शर्मा ने बताया कि मणिकर्णिका घाट को 1771 में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर बनवाया और बाद में 1791 में उन्होंने ही इसका नवीनीकरण करवाया. पर तब से लेकर आज तक यहां कोई नवीनीकरण नहीं हुआ. लिखकर आबादी बढ़ती गई और यहां भीड़ के कारण अव्यवस्थाएं होती रही. ऐसे अब प्रधानमंत्री मोदी ने इस सबसे प्रसिद्ध मोक्षदायक के नवीनीकरण की योजना जमीं पर लाई और अब यहां काम शुरू हो गया है. जल्द ही इस नवीनीकरण के बाद आने वाले लोगो को मिलने वाली सुविधाएं की तस्वीर सामने आएगी, जो काफी सुविधाजनक साबित होगी.

Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshJan 25, 2026

‘और भी पैसे मिलेंगे, पुलिस के खिलाफ ही बोलना’, युवराज केस में नया मोड़, चश्मदीद गवाह का पैसे लेते वीडियो वायरल

Last Updated:January 25, 2026, 20:19 ISTEngineer yuvaraj mehta Death Noida: नोएडा के एक निर्माणाधीन ईमारत की खुदाई में…

Scroll to Top