Uttar Pradesh

जब गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला ले रहा था आखिरी सांसें…जानते हैं उसके मुंह से आखिरी शब्द क्या निकले थे? सुन चौंक जाएंगे आप

Last Updated:July 09, 2025, 21:26 ISTGangster Shri Prakash Shukla: श्रीप्रकाश शुक्ला, यूपी का कुख्यात गैंगस्टर, जो 1998 में STF द्वारा एनकाउंटर में मारा गया. मरते वक्त उसके अंतिम शब्द थे “जनेऊ का ख्याल तो किया होता”. उत्तर प्रदेश पुलिस के सुपर कॉप…और पढ़ेंश्रीप्रकाश शुक्ला (फाइल फोटो)हाइलाइट्सयूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्री प्रकाश शुक्ला के मरते समय जनेऊ का नाम लिया था.यूपी पुलिस में सुपर कॉप रहे अविनाश मिश्रा ने इसका खुलासा किया.एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया.उत्तर प्रदेश के सबसे खतरनाक गैंगस्टर की जब भी बात होती है, तो उनमें श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम सबसे ऊपर आता है महज 19 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला ये गैंगस्टर न सिर्फ सियासत के लिए सिरदर्द था, बल्कि पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए भी एक पहेली बन चुका था. उसकी दहशत इतनी थी कि बड़े-बड़े नेता और कारोबारी भी उससे कांपते थे. इतना ही नहीं उसने एक वक्त में मुख्यमंत्री की हत्या की सुपारी तक ले ली थी. 90 के दशक में श्रीप्रकाश आतंक का ऐसा पर्याय बन चुका था कि यूपी पुलिस को उसे खत्म करने के लिए 1998 में STF का गठन करना पड़ा.

लेकिन क्या आप जानते है जब श्रीप्रकाश का एनकाउंटर हुआ और वह अपनी आखिरी सांसे गिन रहा था उस वक्त उसके मुंह से अंतिम शब्द क्या निकले? आप सोच रहे होंगे कि एक अपराधी के मुंह से क्या ही अच्छा निकला होगा….लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, जब कुख्यात श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर हुआ उस वक्त उसकी जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी.. “जनेऊ का ख्याल तो किया होता…”

जी हां, जिस इंसान की जिंदगी हथियारों, खून और दुश्मनी के इर्द-गिर्द घूमी, उसकी जिन्दगी के आखिरी शब्दों में ‘धर्म’ और ‘मर्यादा’ जैसी बातें होना…हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है.

कौन था श्रीप्रकाश शुक्ला?उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मा श्रीप्रकाश शुक्ला पढ़ाई-लिखाई में होशियार माना जाता था. लेकिन एक पारिवारिक विवाद में हुई हत्या ने उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी. महज 19 साल की उम्र उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते कुछ ही सालों में वह यूपी और बिहार के अपराध जगत का बड़ा नाम बन गया. उस पर एक नहीं, बल्कि दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे.

और फिर हुआ एनकाउंटर….
22 सितंबर 1998 को STF ने श्रीप्रकाश का गाजियाबाद में एनकाउंटर कर दिया. उस दौरान मौके पर कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे, उनमें से ही एक हैं यूपी पुलिस में सुपर कॉप रहे इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा. हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि,

“ मरते वक्त श्रीप्रकाश के आखिरी शब्द क्या थे?”तो उन्होंने खुद खुलासा किया कि श्रीप्रकाश ने मरते वक्त सिर्फ इतना कहा…”जनेऊ का ख्याल तो किया होता”.

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