गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा नगर के गांधी पार्क में स्थित है ऐसी प्रतिमा जिसके बार में कौन नहीं जानता. इसे बनाया इटली के एक सुप्रसिद्ध शिल्पी ने लोगों के चंदे से. लोकल 18 से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार जानकी शरण द्विवेदी कहते हैं कि 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद गोंडा के कांग्रेसियों ने बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए जिस प्रतिमा का निर्माण कराया था, आज वह देश की अनुपम प्रतिमा मानी जाती है.गोंडा के वरिष्ठ कांग्रेसी बाबू लाल बिहारी टंडन, बाबू ईश्वर शरन आदि कांग्रेस नेताओं ने जनता से सहयोग लेकर मूर्ति बनाने का निर्णय लिया. उन्होंने गांधी शांति प्रतिष्ठान का गठन किया और जनता से सहयोग लेकर इटली के सुप्रसिद्ध शिल्पी एंटीनियो मारजोलो को प्रतिमा बनाने का दायित्व सौंपा. उन्होंने इटालियन संगमरमर के दो पत्थरों से एक वर्ष की कठिन साधना कर मूर्ति को तैयार कर दिया.चार्टर्ड विमान से लाया गया गोंडाप्रतिमा बनने के बाद इसे भारत सरकार के एक चार्टर्ड विमान से गोंडा लाया गया. उस समय यह स्थान ‘अंजुमन क्लब’ के नाम से जाना जाता था. बाद में उसका नाम गांधी पार्क कर दिया गया. 1950 में इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने किया. यह प्रतिमा अपने अद्वितीय शिल्प और सजीवता के कारण प्रसिद्ध है. इसे भारत की सबसे सुंदर और अनुपम गांधी प्रतिमाओं में गिना जाता है.FIRST PUBLISHED : December 27, 2024, 22:15 IST
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