Uttar Pradesh

इसे कहते हैं मेहनत… कभी 250 रुपये महीने की करते थे नौकरी, आज हॉस्पिटल समेत कई बड़े बिजनेस, पढ़ें कहानी



धीर राजपूत/फिरोजाबाद. कहा जाता है कि सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए मेहनत की जरूरत होती है. इसको फिरोजाबाद में रहने वाले नाथूराम मुनीम जी ने सही साबित किया है. कई सालों तक चूड़ी कारखाने में मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले मुनीम जी ने अपनी लगन और मेहनत से आज लाखों का कारोबार खड़ा कर लिया है. आज उनके साथ-साथ बेटे भी उनके कारोबार को आगे बढ़ा रहे है और अब उनकी लाखों की इनकम है.

फिरोजाबाद के आसफबाद चौराहे पर मुनीम जी वस्त्र भंडार के नाम से दुकान करने वाले नाथूराम मुनीम के बेटे हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि उनके पिताजी आज से लगभग 58 साल पहले यहीं पर एक चूड़ी के कारखाने में मुनीम की नौकरी किया करते थे. तब उन्हें महीने की ढाई सौ रुपये सैलरी मिला करती थी. इससे बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा होता था, लेकिन उन्होंने एक दिन व्यापार का मन बनाया और कपड़ों का छोटा सा व्यापार शुरू किया.

बेट कारोबार को आगे बढ़ा रहेहरिश्चंद्र यादव ने बताया कि धीरे-धीरे यह व्यापार आगे बढ़ा और बच्चों का सहयोग भी मिलने लग गया. बच्चे भी पढ़ लिखकर इसी व्यापार में हाथ बंटाने लगे और आज इनकी चार अलग-अलग फर्म चल रही हैं. इसमें मुनीम जी वस्त्र भंडार, संजय ज्वेलर्स, आयुष हॉस्पिटल और एक टायर की एजेंसी भी है, जिससे इनका लाखों का टर्नओवर है.

गांव से खेत बेचकर आए थे फिरोजाबादनाथूराम मुनीम के बेटे हरिश्चंद्र यादव ने बताया के उनके पिताजी कई सालों पहले गांव से खेत बेचकर के फिरोजाबाद आ गए थे. जहां उन्होंने रहने के लिए जमीन खरीदी और यही चूड़ी के कारखाने में नौकरी की और बच्चों को भी पढ़ाया. उन्होंने लगभग 25 साल तक चूड़ी कारखाने में नौकरी की है और अब हम सब मिलकर अलग-अलग फर्म चला रहे हैं. कमाई भी खूब हो रही है.
.Tags: Firozabad News, Local18, Success Story, UP newsFIRST PUBLISHED : November 12, 2023, 07:47 IST



Source link

You Missed

SC Bins PIL Challenging Hindu Law Granting Women Right To Seek Divorce Over Non-cohabitation
Top StoriesMay 11, 2026

SC ने गैर-सहवास के कारण महिलाओं को तलाक की मांग करने का अधिकार देने वाले हिंदू कानून के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया

नई दिल्ली: सोमवार को, सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती…

Sindhanur Govt Hospital Doctors Save Critical Pregnant Woman, Baby
Top StoriesMay 11, 2026

सिंधनूर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर रूप से बीमार गर्भवती महिला और शिशु की जान बचाई

रायचूर: सरकारी मातृ और बाल चिकित्सालय सिंधनूर में डॉक्टरों ने एक 34 सप्ताह गर्भवती महिला और उसके शिशु…

Scroll to Top