Uttar Pradesh

इस मिठाई को खाते नहीं, पीते हैं… मुंह में घुलते ही मन और शरीर हो जाता है कूल-कूल, खरीदारों की लगती है भीड़



सनंदन उपाध्याय/बलिया. बाजार में कई प्रकार की मिठाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन आज हम एक ऐसी मिठाई की बात करेंगे जिसे खाया नहीं जाता बल्कि पिया जाता है. इस मिठाई को पीने से कलेजे को ठंडक मिलती है. बता दें कि गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ी, केवड़ा, चन्दन इत्यादि फायदेमंद चीजों को मिलाकर इस मिठाई को बनाया जाता है.

हम बात कर रहे हैं बलिया में मिलने वाली गुलाब सकरी की. यह मिठाई स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है. बहुत दूर-दूर से लोग आकर इस मिठाई के स्वाद का आनंद लेते हैं. दुकानदार अरुण कुमार ने बताया कि यह दुकान 70 वर्ष से भी अधिक पुरानी है. यह मिठाई खाने के लिए नहीं बल्कि पीने के लिए बनाई जाती है. इसके स्वाद का आनंद जिसने भी लिया वह इसका दीवाना ही हो गया. साथ ही बताया कि यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होती है. दुकानदार के मुताबिक, इस मिठाई के एक पीस को पानी से भरे गिलास में डाला जाता है और यह कुछ की देर में घुल जाती है. इसके बाद इसे पीने से मन और शरीर कूल हो जाता है.

कैसे बनती है यह मशहूर मिठाईइस मिठाई को बनाने के लिए केवड़ा, केवड़ा जल, गुलाब की पंखुड़ी, गुलाब जल और चन्दन के साथ तमाम सामग्रियों को मिलाकर पहले चाशनी में डालकर रिफाइन किया जाता है. इस दौरान एक तय टेंपरेचर पर कुछ समय रखा जाता है. उसके बाद लकड़ी के डंडे से पीटा जाता है. इससे वह बुरादा के रूप में आ जाता है. इस प्रकार से काफी मेहनत और समय के बाद यह मिठाई एक आकार लेती है.

जानें क्‍या मिठाई की कीमत?यह मिठाई दो क्वालिटी में तैयार होती है. इसी के आधार पर इसकी कीमत तय होती है. एक मिठाई 300 रुपये प्रति किलो मिलती है, तो दूसरी मिठाई का रेट 360 रुपये किलो है. हालांकि दोनों ही मिठाई को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है.

कैसे पहुंचे इस दुकान परबलिया जनपद मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर दूर सिकंदरपुर थाना के निकट मां जल्पा कल्पा स्थान के समीप कैलाश मिष्ठान भंडार व जलपान गृह है. इस दुकान पर गुलाब सकरी मिठाई मिलती है. आप भी यहां आकर इस अनोखी और स्वादिष्ट मिठाई का आनंद ले सकते हैं.
.Tags: Ballia news, Food, Food 18FIRST PUBLISHED : August 07, 2023, 10:26 IST



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