Uttar Pradesh

इस गांव को कोई नहीं चाहता छोड़ना, शहर से भी बेहतर जिंदगी जी रहे हैं यहां के ग्रामीण, जानें खासियत


सिमरनजीत सिंह/शाहजहांपुर: लगातार गांव से शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोकने के लिए भटपुरा रसूलपुर गांव के प्रधान गांव में ही शहर जैसी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं. ग्राम प्रधान का कहना है कि लोग सुविधाओं के अभाव में गांव को छोड़कर शहरों की ओर जा रहे हैं. ऐसे में उन्होंने पलायन को रोकने के लिए अपनी ग्राम पंचायत में शहर जैसा माहौल बनाया है और अब कोई भी ग्रामीण गांव को छोड़ना नहीं चाहता. ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सम्मान भी मिल चुका है.

विकासखंड क्षेत्र सिंधौली की ग्राम पंचायत भटपुरा रसूलपुर के ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में करीब 4994 लोगों की आबादी है. जिसमें 3769 लोग मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं. ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे गांव के 54 रास्तों पर रंगीन इंटरलॉकिंग कराई है और सभी रास्तों के साइड में पक्की नालियों का निर्माण कराया गया है.

अपनी खूबसूरती के लिए है मशहूर

इतना ही नहीं गांव के सभी रास्तों का महापुरुषों और बुजुर्गों के नाम पर नामकरण भी किया गया है. गांव की सुंदरता को बढ़ाने के लिए तीन सेल्फी प्वाइंट, गांव में दो भव्य मंदिर भी बनाए हुए हैं. गांव के लोग एक जगह बैठकर अपना दुख सुख साझा कर सकें उसके लिए वाटिका बनाई गई है. गांव में आठ मिनी गौशाला बनाई गई है. जिनमें गौवंशो को संरक्षण मिल रहा है.

स्वच्छता पर किया गया काम

गांव में स्वच्छता और साफ सफाई को बढ़ावा देने के लिए हर घर में शौचालय मौजूद है तो वही गांव में पांच सामुदायिक शौचालय भी बने हुए हैं. इसके अलावा गांव में सफाई कार्य करने के लिए पांच सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं जो रोजाना गांव की गलियों को साफ सुथरा करते हैं. गांव की गलियों में जगह-जगह पर फैंसी कूड़ा दान रखे गए हैं.

बड़े स्तर हुआ पौधारोपण

गांव में हरियाली को बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा करीब 1000 से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं. जिनमें 300 पौधों को ट्रीगार्ड से सुरक्षा भी दी गई है. वहीं ग्राम प्रधान ने किसानों को भी हरियाली के प्रति जागरूक किया है और किसानों ने गांव के आसपास के खेतों में करीब 4 से ज्यादा पॉपुलर के पौधे लगाए हैं. जिससे हरियाली के साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है.

शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था

गांव में स्वच्छ और शीतल पेयजल के लिए 57 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं जो सभी चालू हालत में है. इतना ही नहीं वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी सोकपिट बनाए गए हैं. गांव में कुल 26 तालाब मौजूद हैं.

तीसरी आंख से होती है गांव की निगरानी

गांव में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 16 जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिससे गांव के चप्पे चप्पे पर निगरानी रखी जाती है. ग्राम प्रधान का कहना है कि उनका गांव बेहद शांतिप्रिय है और सभी लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं.

मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक से मिल चुका सम्मान

ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता द्वारा ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के लिए वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से नवाजा. इसके अलावा वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार दिया. तो वहीं वर्ष 2023 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ सरपंच का पुरस्कार भी अनिल कुमार गुप्ता को दिया गया. गांव में शहर की तर्ज पर कराए जा रहे विकास को देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधान अनिल कुमार गुप्ता को केरल और पंजाब के चंडीगढ़ में हुई राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में भाग लेने के लिए भी भेजा था.
.Tags: Hindi news, Local18, UP newsFIRST PUBLISHED : October 31, 2023, 15:42 IST



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