Alzheimer’s and Brain Awareness Month: अक्सर लोग अल्जाइमर को बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सीरियस ब्रेन डिजीज है. वैसे तो इसके होने का सटीक कारण अभी पता नहीं चल सका है. लेकिन ये देखा गया है कि 5-15% तक अल्जाइमर के मामले जेनेटिक होते हैं.
डॉ. आदित्य गुप्ता, निदेशक – न्यूरोसर्जरी और साइबरनाइफ, आर्टेमिस अस्पताल, गुरुग्राम बताते हैं कि अल्जाइमर शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है. समय पर इलाज के लिए इनकी पहचान जरूरी है. क्योंकि अल्जाइमर केवल याददाश्त पर असर नहीं डालता, बल्कि धीरे-धीरे सोचने, समझने और व्यवहार को भी प्रभावित करता है.
कैसे होता है अल्जाइमर
अल्जाइमर एक सीरियस कंडीशन है, जिसमें ब्रेन में असामान्य प्रोटीन अमाइलॉइड प्लेक और टाउ टेंगल्स का जमाव होने लगता है. साथ ही इसमें नर्वस सिस्टम का कनेक्शन आपस में टूटने लगता है. जिससे ब्रेन नॉर्मल एक्टिविटी नहीं कर पाता है.
अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण
– नई जानकारी भूल जाना, बार-बार एक ही बात पूछना या जरूरी तारीखें भूल जाना आम संकेत हैं.
– खेल के नियम भूल जाना या आजे पहचाने स्थान पर जाने में भी समस्या आना शामिल हो सकता है.
– दिन, तारीख या मौसम का अंदाजा न लगा पाना, या यह भूल जाना कि वे कहां हैं.
– पढ़ने में परेशानी, दूरी का सही अनुमान न लग पाना या रंगों की पहचान में दिक्कत आना.
– सही शब्दों की तलाश में समय लगना, वस्तुओं के गलत नाम लेना या बातचीत करने में कठिनाई.
– चीजों को खुद रखकर भूल जाना. या किए हुए काम को बार-बार चेक करना.
– पैसे के गलत उपयोग या व्यक्तिगत साफ-सफाई की अनदेखी करना.
– दोस्तों, शौक या काम से अचानक दूरी बना लेना.
– अवसाद, डर या चिड़चिड़ापन जैसे बदलाव, विशेषकर अनजानी जगहों पर.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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