IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच धमाकेदार अंदाज में आखिरी टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस मैच में स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने शानदार शतकीय पारी खेली है. उन्होंने 146 रन बनाए. वहीं, एक खिलाड़ी ने बहुत ही खराब खेल दिखाया. ये खिलाड़ी टीम इंडिया के ऊपर सबसे बड़ा बोझ बना गया है. ज़रूर पढ़ें
इस खिलाड़ी ने तोड़ा भरोसा
इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में हनुमा विहारी ने बहुत ही खेल दिखाया. रोहित शर्मा और केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह मौके को पूरे तरीके से भुना नहीं पाए. इंग्लैंड के खिलाफ मैच में हनुमा विहारी सिर्फ 20 रन बनाकर आउट हो गए. हनुमा विहारी खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. वह रन बनाने के लिए तरस रहे हैं. रन बनाना तो दूर वह क्रीज पर टिकने के लिए तरह रहे हैं.
मैच में ली इस प्लेयर की जगह
मयंक अग्रवाल को अगर मैच में खिलाया जाता, तो हनुमा विहारी और श्रेयस अय्यर में से एक खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखाया जाता, लेकिन कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान जसप्रीत बुमराह ने हनुमा विहारी के ऊपर भरोसा दिखाया, लेकिन वह इनके भरोसे पर खरे नहीं उतर पाए. हनुमा विहारी लगातार मौकों को बर्बाद कर रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया में बचाया था मैच
हनुमा विहारी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका अदा की थी, लेकिन उसके बाद वह अपनी लय बरकरार नहीं रख पाए. ऐसे उनके टीम में रहने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. जबकि उनकी मयंक अग्रवाल को मौका दिया जा सकता था. मयंक अग्रवाल बहुत ही शानदार फॉर्म में चल रहे हैं.
टीम इंडिया को जिताए कई मैच
हनुमा विहारी ने अपने दम पर टीम इंडिया को कई मैच जिताए हैं. उन्होंने भारत के लिए 15 टेस्ट मैचों में 808 रन बनाए हैं और 5 विकेट भी हासिल किए हैं, लेकिन वह अपने करियर के आखिरी दौरे से गुजर रहे हैं. उनकी जगह टीम इंडिया में कई नए प्लेयर्स आ गए हैं. इस बार आईपीएल मेगा ऑक्शन में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला था.
भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन:
जसप्रीत बुमराह (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज
ये ख़बर आपने पढ़ी देश की सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर
Pavan K. Varma | As Dust Settles On Verdict, Questions Linger In The Air
In the aftermath of the recent Assembly elections in India, four broad conclusions emerge with unmistakable clarity: the…

