Last Updated:June 03, 2025, 09:09 ISTमुरादाबाद की कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर दीपक मेहंदी रता ने बताया कि ममरा बादाम किस्म जिसे रॉयल बादाम के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खेती कर एक अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. यह एक ऐसी किस्म है. जो एक बार लगने पर आपको तगड़ा मुनाफा दे जाती है. मुरादाबाद में किसान नई नई खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे है. वहीं कुछ किसान ऐसे हैं. जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ कुछ यूनिक चीजों की खेती करना पसंद कर रहे हैं. ऐसे किसानों के लिए यह खबर काम की खबर है. जो किसान यूनिक खेती करना चाहते हैं. वह बादाम की एक शानदार किस्म की खेती कर सकते हैं. जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होगा। मुरादाबाद की कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर दीपक मेहंदी रता ने बताया कि ममरा बादाम किस्म जिसे रॉयल बादाम के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खेती कर एक अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. यह एक ऐसी किस्म है. जो एक बार लगने पर आपको तगड़ा मुनाफा दे जाती है. ममरा बादाम एक खास किस्म है. जो ईरान, अफगानिस्तान और कश्मीर की घाटियों में उगाई जाती है. अगर आप ममरा बादाम किस्म की खेती करते है. तो आपको इसकी खेती से बहुत जबरदस्त कमाई देखने को मिलेगी. ये बाजार में करीब 750 से 800 रूपए प्रति किलो तक बिकते है. एक एकड़ में आप इसकी खेती से लाखों करोड़ों रूपए की कमाई आराम से कर सकते है. ममरा बादाम किस्म की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली, बलुई-चिकनी मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. मिट्टी का पीएच मान 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए. इसके पौधों को पहले नर्सरी में तैयार किया जाता है फिर खेत में रोपाई की जाती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदी रता ने बताया कि पौधों की रोपाई के लिए 5-8 मीटर की दूरी पर गड्ढे तैयार करने चाहिए. रोपाई के बाद ममरा बादाम किस्म का पेड़ करीब की 4 से 5 साल में फल आना शुरू हो जाते है. जिससे किसान को लगातार मुनाफा होता है और किस एक बार इस फसल को कर मालामाल हो जाता है.homeagricultureइस फल की कीमत 800 रुपये किलो, किसान करें खेती..सालों तक गिनते रहेंगे रुपये
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