नई दिल्ली: आईपीएल 2021 धीरे-धीरे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. जल्द ही इस टूर्नामेट में प्लेऑफ की जंग शुरू हो जाएगी और फैंस शायद इस बार पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को इसमें ना देखें. आईपीएल की सबसे सफल टीम माने जाने वाली मुंबई की इस साल हालत एकदम खराब हो चुकी है और आलम ये है कि इस चैंपियन टीम को अंतिम 4 में पहुंचने के लिए भी अब दूसरी टीमों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. मुंबई की लय बिगाड़ने में इस साल कई खिलाड़ियों का हाथ रहा है.
ये खिलाड़ी बने हार के ‘गुनहगार’
ईशान किशन: मुंबई इंडियंस की नाकामयाबी के पीछे एक बड़ा कारण रहा है उनके मिडिल ऑर्डर का फ्लॉप रहना. खासकर युवा बल्लेबाज ईशान किशन के प्रदर्शन से तो कप्तान रोहित शर्मा खासे परेशान रहे हैं. आईपीएल के दूसरे फेज में ईशान का बल्ला एकदम खामोश रहा है. जिसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप तक कर दिया गया. ईशान ने मुंबई के लिए पिछले सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए थे, लेकिन वो इस साल अपनी टीम के लिए विलेन साबित हुए हैं.
बोल्ट और बुमराह: मुंबई इंडियंस के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट की जोड़ी ने इस आईपीएल सीजन में फ्लॉप रही है. बुमराह ने 12 मुकाबलों में 17 विकेट अपने नाम किए हैं, लेकिन बल्लेबाजों ने उनकी जमकर पिटाई भी की. बोल्ट ने 12 मैचों में 12 विकेट लिए हैं. बोल्ट ने भी खूब रन लुटाए हैं. यह बहुत बड़ा कारण है कि मुंबई इस सीजन में पिछड़ रही है, नहीं तो ये दोनों गेंदबाज ही विरोधी टीम के बल्लेबाजों की नाक में दम कर के रखते थे.
हार्दिक और पोलार्ड: मुंबई इंडियंस के मिडिल आर्डर बल्लेबाजों ने इस साल टीम की नैया डुबाई हुई है. पूरे सीजन में सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और कीरोन पोलार्ड का बल्ला खामोश रहा है. जिसकी वजह से टीम बड़ा स्कोर भी खड़ा नहीं कर पाई है. पोलार्ड और हार्दिक हमेशा टीम को डूबने से बचाते थे, लेकिन इस साल दोनों ही धाकड़ ऑलराउंडर कुछ खास नहीं कर पाए हैं. हार्दिक ने तो इस साल गेंदबाजी भी नहीं की है.
कैसे करे मुंबई अब क्वालीफाई?
मुंबई इंडियंस का प्लेऑफ में क्वालीफाई करना आसान नहीं रहेगा. अगर मुंबई को क्वालीफाई करना है तो बचे हुए दोनों मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. वहीं उनको अब ये भी दुआ करनी होगी कि राजस्थान रॉयल्स और केकेआर भी अपनी बाकी मैच हार जाए. ऐसा इसलिए हैं क्योंकि अब रन रेट काफी हद तक क्वालीफाई करने में मदद करेगा.
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“I don’t think it is a do-or-die situation,” says Raju, citing classics like Devi, Ammorru, Arundhati, and Pratighatana,…

