Nitish Kumar Reddy: भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी ने दो विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजी में उल्लेखनीय भूमिका निभाई. उन्होंने दो विकेट लिए और भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले ने रेड्डी की तारीफ करते हुए उन्हें एक उभरता हुआ ऑलराउंडर बताया. कुंबले ने यह भी कहा कि भारत को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो बीच-बीच में साझेदारियों को तोड़ सकें और तेज गेंदबाजों को थोड़ी राहत दे सकें.
एक ही ओवर में झटके दो विकेट
लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन नितीश ने नई गेंद से उम्दा गेंदबाजी की. कप्तान शुभमन गिल ने उन्हें 14वें ओवर में गेंद थमाई और रेड्डी ने अपने पहले ही ओवर में इंग्लैंड के दोनों ओपनरों बेन डकेट और जैक क्रॉली को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. रेड्डी ने डकेट को लेग साइड की गेंद पर फंसाया, जब वह पुल शॉट खेलने में चूक गए. उनकी अगली ही गेंद पर ओली पोप ने एज किया, लेकिन गिल स्लिप में कैच नहीं पकड़ पाए. दो गेंद बाद क्रॉली ने स्विंग होती गेंद पर बल्ला चलाया और गेंद सीधे ऋषभ पंत के दस्तानों में जा समाई.
कुंबले ने जमकर की तारीफ
कुंबले ने जियो हॉटस्टार पर कहा, ‘मुझे नितीश की गेंदबाजी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ. उन्होंने लगातार सही जगह पर गेंद डाली. डकेट वाला विकेट तोहफे में मिला, लेकिन बाकी गेंदबाजी काफी अनुशासित थी. जैक क्रॉली को जो गेंद डाली वह शानदार थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘रेड्डी ने ऑस्ट्रेलिया में भी अच्छा प्रदर्शन किया था. वहां उन्होंने शतक लगाया था और ठीक-ठाक गेंदबाजी भी की थी. ऐसे खिलाड़ी कसी हुई गेंदबाजी करते हैं और साझेदारी तोड़ते हैं. इनके आने से मुख्य तेज गेंदबाजों को थोड़ा आराम मिल जाता है.’
कुंबले ने कहा, ‘रेड्डी ने लगभग 14 ओवर एक स्पेल में डाले, इससे उसकी फिटनेस और नियंत्रण का पता चलता है. वह युवा है, अच्छा बल्लेबाज है और चुस्त फील्डर भी है. भारत को उसे लगातार मौका देना चाहिए, बार-बार बदलाव करने से बचना चाहिए.’ कुंबले ने मैच की स्थिति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘शुरुआत से ही साफ था कि यह बल्लेबाजों के लिए आसान पिच नहीं है. ओपनर नई गेंद पर रन बनाने में संघर्ष कर रहे थे. इस पिच पर रन बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ी. भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंद डाली, इसी कारण इंग्लैंड को पहले दिन सिर्फ 251 रन पर ही रोक पाए.’
Women’s Perspective Shouldn’t Disappear, Says M. S. Raju
“I don’t think it is a do-or-die situation,” says Raju, citing classics like Devi, Ammorru, Arundhati, and Pratighatana,…

