चुकंदर भले ही स्वास्थ्यवर्धक माना जाता हो, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है. इसमें मौजूद उच्च ऑक्सालेट किडनी स्टोन की समस्या बढ़ा सकता है. ज्यादा पोटैशियम लो ब्लड प्रेशर वालों में चक्कर या कमजोरी पैदा कर सकता है. एलर्जी, उच्च यूरिक एसिड और डायबिटीज के मरीजों को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. इसलिए इन समस्याओं से ग्रस्त लोग डॉक्टर की सलाह लेकर ही चुकंदर खाएं.
चुकंदर स्वास्थ्यवर्धक होने के बावजूद किडनी स्टोन, लो ब्लड प्रेशर, एलर्जी/स्किन रैश वाले लोगों और पाचन समस्याओं (IBS) वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसमें मौजूद उच्च ऑक्सलेट और नाइट्रेट्स के कारण यह पथरी की समस्या बढ़ा सकता है और लो बीपी को और कम कर सकता है. किडनी स्टोन के मरीजों के लिए चुकंदर का सेवन हानिकारक हो सकता है. चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन को बढ़ा सकता है. इसलिए, किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों को चुकंदर का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
लो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए चुकंदर का जूस हानिकारक हो सकता है. इसमें नाइट्रेट की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर को और कम कर सकता है. इससे चक्कर आना, बेहोशी या थकान हो सकती है. इसलिए, लो बीपी के मरीजों को चुकंदर का जूस पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
चुकंदर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आमतौर पर फायदेमंद होता है. लेकिन, इसकी उच्च मात्रा के कारण चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (IBS), पेट फूलना, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को चुकंदर का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
चुकंदर में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है, जो उच्च यूरिक एसिड या गाउट की समस्या को बढ़ा सकता है. इसलिए, जिन लोगों को गाउट है या यूरिक एसिड का स्तर अधिक है, उन्हें चुकंदर का सेवन करने से बचना चाहिए.
चुकंदर खाने के बाद यूरिन या स्टूल का रंग गुलाबी या लाल होना सामान्य है. इसे बीट्यूरिया कहते हैं. यह दर्शाता है कि शरीर चुकंदर के रंग को पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पा रहा है. आमतौर पर यह हानिकारक नहीं है. लेकिन अगर आपको चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
चुकंदर वैसे तो कई चीजों में फायदेमंद होता है. लेकिन इसका ज्यादा सेवन करना और पेट संबंधी समस्याओं में सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेनी जरूरी होती है. चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही इसका सेवन करना चाहिए.

