गोंडा जिले के कार्तिकेय सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में 269 वीं रैंक हासिल की
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के सिविल लाइंस के रहने वाले कार्तिकेय सिंह ने दूसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की 2025 की परीक्षा में 269 वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. जैसे ही परिवार को इस सफलता की खबर मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया. बेटे की कामयाबी सुनकर मां की आंखें खुशी से नम हो गईं और पूरे परिवार ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया.
कार्तिकेय सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोंडा के प्रभु विद्या मंदिर, रघुकुल विद्यापीठ और फातिमा में ली है. उसके बाद कार्तिकेय सिंह कोटा में रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहे थे और पहले प्रयास में आईआईटी मुंबई में ऑल इंडिया 1000 के अंदर रैंक प्राप्त किया था. आईआईटी मुंबई से उन्होंने बीटेक किया. उसके बाद वह दिल्ली चले गए और दिल्ली रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे और उनका दूसरे प्रयास में यूपीएससी ऑल इंडिया रैंक 269 वीं हासिल किए हैं।
कार्तिकेय सिंह को मैथमेटिक्स में ज्यादा इंटरेस्ट था. उसके अलावा वह सभी विषय पर भी ध्यान देते थे. कार्तिकेय सिंह की मां किरन सिंह डाक अधीक्षक बाराबंकी में तैनात हैं और वह साहित्यकार भी हैं. किरन सिंह बताती हैं कि कार्तिकेय सिंह बचपन से ही पढ़ाई में काफी अच्छे थे और इनको पढ़ने में काफी अच्छा लगता था. बचपन में उसको यूपीएससी में कोई दिलचस्पी नहीं थी. हमने एक बार उससे पूछा भी की बेटा यूपीएससी की तैयारी करना चाहोगे तो उसने कहा नहीं मां मुझे यूपीएससी में कोई दिलचस्पी नहीं है. फिर अचानक एक दिन मेरे पास कॉल आता है इंटरव्यू के पहले और पूछता है की मां अपने कार्य के बारे में कुछ बताइए तो मैंने पूछा क्यों तो उसने बताया कि मेरा इंटरव्यू होने वाला है यूपीएससी में और हमने कोरोना कल में देखा कि आप लोगों की काफी मदद कर रही थी, तो हमको लगा कि सिविल सर्विस में ही हम किसी की मदद कर सकते हैं. इसीलिए, हमने यूपीएससी का पेपर दिया है और अब इंटरव्यू होने वाला है.
किरन सिंह बताती हैं कि हम लोग खाना खा रहे थे और हमारे बेटे का फोन आया और उसने बताया कि हमारा यूपीएससी क्लियर हो गया है. ऑल इंडिया 269 रैंक प्राप्त हुआ है सुनते ही खुशी के आंसू आ गए, क्योंकि काफी खुशी की बात थी और यह आंसू खुशी की आंसू थे इसको हम रोकने की काफी कोशिश की लेकिन रोक नहीं पाई.
कार्तिकेय सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने लगातार कई सालों तक मेहनत की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा. परिवार के लोगों का कहना है कि कार्तिकेय शुरू से ही पढ़ाई में बहुत मेहनती और लगनशील रहे हैं. उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की.
कार्तिकेय की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा गांव और जिला भी गर्व महसूस कर रहा है. आसपास के लोग उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं.
कार्तिकेय सिंह की मां ने कहा कि बेटे की मेहनत आज रंग लाई है. उन्होंने बताया कि कार्तिकेय हमेशा पढ़ाई को लेकर गंभीर रहते थे और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते थे। आज उनकी सफलता से पूरे परिवार को गर्व महसूस हो रहा है.
कार्तिकेय की इस सफलता से गोंडा जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है. उनकी उपलब्धि से यह साबित हो गया है कि अगर इंसान पूरी लगन और मेहनत से प्रयास करे तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. अब कार्तिकेय सिंह की इस कामयाबी से जिले के युवाओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है.

