How To Detect Cervical Cancer In Hindi: सर्वाइकल कैंसर हर साल हजारों महिलाओं की मौत का कारण बनता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम और जानलेवा कैंसर भी बताया है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल कैंसर से मरने वाली महिलाओं में से 6-29 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होती हैं.
ऐसे में इससे बचाव के लिए समय-समय पर इसके लक्षणों को ध्यान में रखते हुए जरूरी टेस्ट करना आवश्यक है. पेप टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की पहचान करने का सबसे पहला टेस्ट होता है. जिसकी मदद से कई बार इस जानलेवा कैंसर को पहले स्टेज पर ही पहचान लिया जाता है. यह टेस्ट कैसे होता है, किस उम्र की महिलाओं को यह टेस्ट कराना चाहिए, इसके बारे में यहां आप डिटेल में जान सकते हैं-
क्या होता है पेप टेस्ट
पेप टेस्ट को पेप स्मीयर भी कहा जाता है. यह सर्वाइकल कैंसर को डिटेक्ट करने का एक रूटीन स्क्रीनिंग प्रोसीजर है. इस टेस्ट को सर्विक्स में पनपने वाले कैंसर सेल्स का पता लगाने के लिए किया जाता है.
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कैसे की जाती है पेप टेस्ट
इस टेस्ट में गर्भाशय ग्रीवा से सेल्स को धीरे से खुरच कर निकाला जाता है और इसमें होने वाले बदलाव की जांच की जाती है. यह टेस्ट डॉक्टर के लैब में की जाती है. यह थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसके कारण कोई दर्द नहीं होता है.
क्या आपको है पेप टेस्ट की जरूरत
अमेरिकन कैंसर सोसायटी की मानें तो 25 वर्ष के बाद हर महिला को प्रत्येक 5 साल में एक बार पेप टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. ताकि वक्त रहते कैंसर जैसी बीमारी का पता लगा सके. इसके अलावा सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं के लिए यह रूटीन टेस्ट बहुत मददगार साबित होता है.
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Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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