Uttar Pradesh

हमशक्ल तो सुना था, लेकिन ऐसा करिश्मा नहीं देखा! प्रबल लगाता है फिंगरप्रिंट और खुल जाती है पवित्र की डिटेल्स

Last Updated:December 23, 2025, 18:40 ISTAjab-Gajab: कहते हैं कि कुदरत के करिश्मे को आज तक कोई समझ नहीं पाया है. ऐसा ही कुछ कानपुर में देखने को मिला, जहां जुड़वा भाइयों के फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न इतने समान पाए गए कि बायोमेट्रिक सिस्टम तक भ्रमित हो गया. इस अनोखे मामले को देखकर विशेषज्ञ भी हक्के-बक्के रह गए हैं.अजब-गजब जुड़वा भाईकानपुर: कुदरत के करिश्मों को आज तक पूरी तरह कोई समझ नहीं पाया है. विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी प्रकृति कभी-कभी ऐसे रहस्य सामने रख देती है, जो विशेषज्ञों को भी हैरान कर देते हैं. उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी कुदरत का ऐसा ही एक नायाब और दुर्लभ करिश्मा देखने को मिला है. यहां जुड़वा भाइयों के फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न इतने समान पाए गए कि बायोमेट्रिक सिस्टम तक भ्रमित हो गया. इस अनोखे मामले को देखकर विशेषज्ञ भी हक्के-बक्के रह गए हैं.

आधार अपडेट में समस्या

कानपुर के रहने वाले जुड़वा भाई प्रबल मिश्रा और पवित्र मिश्रा के फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न बायोमेट्रिक जांच में बिल्कुल एक जैसे दर्ज हो रहे हैं. स्थिति यह है कि अगर प्रबल की जगह पवित्र फिंगरप्रिंट देता है, तो प्रबल की पहचान खुल जाती है. इसी वजह से आधार कार्ड अपडेट के दौरान गंभीर समस्या सामने आई. जब एक भाई का बायोमेट्रिक डेटा अपडेट किया गया, तो दूसरे भाई का आधार कार्ड अपने आप निरस्त हो गया. यह घटना एक बार नहीं, बल्कि तीन बार दोहराई जा चुकी है.

अपडेट करने वालों के सामने चुनौती

इस असाधारण मामले ने आधार से जुड़े विशेषज्ञों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. अब सवाल यह है कि जब दोनों भाइयों के फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न एक जैसे हैं, तो अलग-अलग आधार कार्ड कैसे बनाए जाएं. विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर जुड़वा बच्चों में फिंगरप्रिंट की समानता 55 से 74 प्रतिशत तक होती है, लेकिन इस मामले में समानता लगभग पूरी है, जो बेहद दुर्लभ मानी जाती है. इसी वजह से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की आवश्यकता बताई जा रही है.

तीन बार में भी नहीं हुआ आधार अपडेट

जुड़वा भाइयों के पिता पवन मिश्रा के अनुसार, जब दोनों बच्चे 10 साल के हुए, तब वह आधार सेंटर पर उनके आधार कार्ड अपडेट कराने गए थे. सेंटर पर दोनों का आधार अपडेट किया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद पता चला कि सिर्फ एक बच्चे का आधार ही मान्य है. जब पवन मिश्रा दोबारा सेंटर पहुंचे और जानकारी दी, तो दूसरे भाई का आधार फिर से अपडेट किया गया. इसके बाद पहले भाई का आधार निरस्त हो गया. यह सिलसिला तीन बार चला. जब उन्होंने कारण पूछा, तो सेंटर कर्मचारियों ने बताया कि दोनों भाइयों का फिंगरप्रिंट और रेटिना पैटर्न एक जैसा होने के कारण यह समस्या हो रही है. अब यह मामला कुदरत के एक अनोखे करिश्मे के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है.About the Authorआर्यन सेठआर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.Location :Kanpur Nagar,Uttar PradeshFirst Published :December 23, 2025, 18:40 ISThomeuttar-pradeshहमशक्ल तो सुना था, लेकिन ऐसा करिश्मा नहीं देखा! दो भाई और फिंगरप्रिंट एक

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