Last Updated:March 15, 2026, 22:25 ISTSmart Prepaid Meter Hardoi: हरदोई में स्मार्ट प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होते ही हड़कंप मच गया है. बैलेंस ‘निगेटिव’ होने के कारण पहले ही दिन करीब 4,700 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए, जिससे बिजली दफ्तरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. विभाग के अनुसार, जिले में 47,000 उपभोक्ताओं का बैलेंस बकाया है और अब रोज़ाना 10% डिफॉल्टरों की बिजली काटी जाएगी. उपभोक्ता मोबाइल ऐप या उपकेंद्र पर रिचार्ज कर 15 मिनट में आपूर्ति बहाल करा सकते हैं. हरदोई बिजली संकट: बिना रिचार्ज कटे हजारों कनेक्शनSmart Prepaid Meter Hardoi: हरदोई वालों के लिए शनिवार की रात किसी झटके से कम नहीं रही. जैसे ही जिले में स्मार्ट प्रीपेड बिजली व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया गया, हजारों घरों में अचानक अंधेरा छा गया. बिना किसी पूर्व चेतावनी के बिजली कटने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया. आलम यह था कि सुबह होते ही बिजली दफ्तरों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर माजरा क्या है, पर असलियत यह थी कि उनके स्मार्ट मीटर का बैलेंस ‘निगेटिव’ हो चुका था.
अचानक कटी बिजली, उपभोक्ता परेशानहरदोई जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू होते ही पहले ही दिन करीब 4,700 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए. बिजली गुल होते ही लोग अपनी शिकायतों के साथ विद्युत उपकेंद्रों की ओर दौड़ पड़े. उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्हें बैलेंस खत्म होने की कोई पूर्व सूचना या अलर्ट नहीं मिला. शहर से लेकर देहात तक, हर जगह बिजली बिल जमा करने वाले काउंटरों पर भारी भीड़ देखी गई.
क्या है 10% वाला विभागीय नियम?बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक लगभग 69,000 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 47,000 उपभोक्ताओं का बैलेंस निगेटिव पाया गया है. विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए तय किया है कि हर दिन कुल डिफॉल्टरों में से 10 प्रतिशत लोगों के कनेक्शन तब तक काटे जाएंगे, जब तक कि बैलेंस पॉजिटिव नहीं हो जाता. इसी नियम के तहत पहले दिन 4,700 लोगों की बिजली काटी गई.
अफसरों की सफाई और रिचार्ज का तरीकाअधिशासी अभियंता प्रेम प्रकाश सिंह के मुताबिक, यह कार्रवाई शासन से प्राप्त निर्देशों के बाद की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही उपभोक्ता अपना बकाया जमा कर रिचार्ज करेंगे, उसके 10 से 15 मिनट के भीतर बिजली आपूर्ति अपने आप बहाल हो जाएगी. उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए उपकेंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है, साथ ही लोग अपने मोबाइल ऐप या विभागीय ऑनलाइन लिंक के जरिए भी रिचार्ज कर सकते हैं.
जनता की नाराजगी और विभाग की चुनौतीभले ही विभाग इसे डिजिटल क्रांति और बकायेदारी खत्म करने का तरीका बता रहा हो, लेकिन धरातल पर लोग परेशान हैं. कई लोगों का कहना है कि अचानक बिजली काटने से बच्चों की पढ़ाई और घर के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं. विभाग के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह उपभोक्ताओं को समय पर बैलेंस का अलर्ट भेजने की व्यवस्था को दुरुस्त करे ताकि भविष्य में ऐसी अफरा-तफरी न मचे.About the AuthorRahul Goelराहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ेंLocation :Hardoi,Uttar PradeshFirst Published :March 15, 2026, 22:25 IST

