Uttar Pradesh

Hanuman ji Temple unique stoy: बाबा ने कंधे पर हनुमान जी को बिठाया और चले आए सुल्तानपुर, गोमती नदी किनारे बसे इस मंदिर की अनोखी कहानी

Last Updated:January 13, 2026, 15:40 ISTSultanpur News: भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जिनकी कहानी काफी रहस्यमय और रोचक है. ऐसी ही रोचक कहानी है सुल्तानपुर में स्थित एक हनुमान जी मंदिर की, जो गोमती नदी के किनारे स्थित है और अपनी भव्यता और दिव्यता की वजह से या सिर्फ सुल्तानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी प्रसिद्ध है.सुल्तानपुर: भारत प्राचीन काल से धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं वाला देश रहा है. यहां पर ऐसे कई प्राचीन मंदिर हैं, जो अपनी वास्तुकला और कहानियों को लेकर काफी ज्यादा प्रसिद्ध हैं. इस तरह सुल्तानपुर में भी एक हनुमान जी का मंदिर है, जो गोमती नदी के किनारे स्थित है और अपनी भव्यता और दिव्यता की वजह से या सिर्फ सुल्तानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी प्रसिद्ध है. इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि सुल्तानपुर के बाबा सरवन दास हुआ करते थे, जिन्होंने अयोध्या से हनुमान जी की प्रतिमा को अपने कंधे पर लादा और सुल्तानपुर में स्थापित किया.

यहां से आई थी मूर्ति

सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर कटावा ग्राम सभा में स्थित बाबा सरवन दास की कुटिया में एक भव्य और दिव्या हनुमान मंदिर की स्थापना हुई है. इस मंदिर के पुजारी रामनाथ कोरी लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताते हैं कि इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा का इतिहास लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है और इस हनुमान जी की प्रतिमा को अयोध्या सरयू नदी के किनारे से लाया गया था. स्कूल आने वाले बाबा सरवन दास थे.

इस तरह से लाए थे मूर्ति

मंदिर के पुजारी रामनाथ कोरी बताते हैं कि यहां पर बाबा सरवन दास ने हनुमान जी की प्रतिमा लाई थी और वह प्रतिदिन अयोध्या सरयू नदी में स्नान करने सुल्तानपुर से जाते थे. अपने इसी स्नान के क्रम में उन्होंने अपने कंधे पर हनुमान जी को लादा था और हनुमान जी की प्रतिमा को लाकर गोमती नदी के किनारे स्थापित किया.

इस मंदिर के बारे में यह बताया जाता है कि यह मंदिर डेढ़ सौ वर्षो से भी अधिक पुराना है. हनुमान जी की दिव्यता और चमत्कार की वजह से यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन और पूजन करने के लिए आते हैं. शनिवार और मंगलवार के दिन यहां पर भव्य भीड़ होती है. इसके साथ ही जिन लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं, यहां पर लोग भंडारा आयोजित करते हैं.

कैसे पहुंचें यहां

अगर आप भी सुल्तानपुर जिले में स्थित इस हनुमान मंदिर पर पहुंच कर दर्शन और पूजन करना चाहते हैं, तो आपको सुल्तानपुर मुख्यालय से कुड़वार रोड पर लगभग 2 किलोमीटर आना होगा. वहां से चुनहा और कटावा मार्ग से मुड़कर लगभग 5 किलोमीटर आगे बढ़ना है. वहीं पर एक भव्य गेट बना हुआ है, जहां पहुंचकर आप मंदिर के दर्शन और पूजन कर सकते हैं.About the Authorआर्यन सेठआर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.Location :Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 13, 2026, 15:40 ISThomedharmबाबा ने कंधे पर हनुमान जी को बिठाया और चले आए सुल्तानपुर, मंदिर की अनोखी कहानीDisclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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