रिपोर्ट: अभिषेक जायसवालवाराणसी: गंगा सफाई के लिए सरकार ने नमामि गंगे (Namami Gange) अभियान चला रखा है. जिसके तहत विभिन्न तरीकों से गंगा की सफाई की जा रही है. इन तमाम उपायों के बीच अब पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में हॉन्ग कॉन्ग की तकनीक पर आधारित ‘क्लियर बोट’ से गंगा की सफाई होगी. वाराणसी में इसका सफल ट्रायल भी हो गया है. ये बोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित है. इसके साथ ही इसे चलाने के लिए किसी मैन पावर की जरूरत भी नहीं होगी.वाराणसी नगर निगम के अपर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि इस बोट के जरिए गंगा में फेंके जाने वाले माला फूल, पूजा सामग्री और अपशिष्टों की सफाई आसानी से हो सकेगी. वाराणसी से पहले केरल के नदी और तालाबों में इसका सफल ट्रायल भी हुआ था.वाराणसी में भी इसके काफी अच्छे रिजल्ट देखे गए हैं. जिसके बाद इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है.क्या खास है इस तकनीक मेंइस क्लियर बोट के जरिए सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि वाराणसी के कुंड तालाब और वरुणा नदी की सफाई भी हो सकेगी. बताते चलें कि हॉन्ग कॉन्ग की तकनीक पर आधरित इस बोट को स्टार्टअप के तहत दो इंजीनियरों ने तैयार किया है. इंटरनेट प्रोटोकॉल तकनीक से लैस ये नाव आधा किलोमीटर दूर से गंगा में गंदगी की पहचान कर उसे निकालने में सक्षम है. सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही वाराणसी की गंगा नदी में ये बोट नजर आएगी. इस बोट से गंगा नदी और भी साफ और स्वच्छ दिखेगी.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : December 17, 2022, 16:15 IST
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