How much painkiller is safe: इसमें कोई दोराय नहीं कि पेन किलर बॉडी में किसी भी हिस्से में हो रहे मामूली से लेकर गंभीर दर्द को कम करने में कारगर होते हैं. लेकिन इसे हर दर्द में खाने की आदत आपको मुश्किल में डाल सकती है.
दिल्ली के इंटरनेशनल पेन सेंटर के निदेशक, डॉ. अमोद मनोचा बताते हैं, कि पेन को कंट्रोल करने के लिए पेन किलर का ज्यादा इस्तेमाल कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन सकता है. पेनकिलर लेते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए, और बिना डॉक्टर के परामर्श इसका सेवन करने से बचना चाहिए.
ज्यादा पेन किलर खाने के नुकसान-
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं
एक्सपर्ट बताते हैं कि एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसे नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) को लंबे समय खाने से पेट में जलन, अल्सर और यहां तक कि इंटरनल ब्लीडिंग भी हो सकती है.
हो सकता है किडनी डैमेज
लंबे समय तक NSAIDs खाना किडनी के लिए भी हानिकारक होता है. इससे किडनी में ब्लड सर्कुलेशन अच्छी तरह से नहीं हो पाता है, जिससे किडनी डैमेज, क्रोनिक डिजीज या किडनी फेल्योर का रिस्क बढ़ जाता है.
लिवर डैमेज का रिस्क
अगर आप एसिटामिनोफेन (पेरासिटामोल) बहुत ज्यादा खाते हैं, तो इससे आपको लिवर से संबंधित परेशानी हो सकती है. कुछ गंभीर मामलों में पेन किलर के कारण लिवर फेल भी हो सकता है.
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सिरदर्द
कुछ लोगों में, दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक उपयोग “रिबाउंड सिरदर्द” का कारण बन सकता है, जिससे दर्द अधिक बार और गंभीरता से होने लगता है।
पेनकिलर खाते समय ये ध्यान रखें
एक्सपर्ट बताते हैं कि ज्यादातर ओवर-द-काउंटर पेनकिलर का सेवन चार से छह घंटे के गैप पर करना चाहिए. इसके साथ ही हफ्ते में 2-3 बार से ज्यादा इसका सेवन ना करें. यदि दर्द लंबे समय तक या बार-बार लौट रहा है तो लाइफस्टाइल में बदलाव करें, और डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है.
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