मैंने कभी भी बीजेपी के प्रति कोई नकारात्मक बयान नहीं दिया है। 2022 से मेरे खिलाफ एक झूठी कहानी चल रही है, और यहां तक कि बीजेपी के कुछ सदस्य भी इसके पीछे हैं, यह दावा करते हुए कि उन्होंने कहा है कि उन्होंने कभी भी बीजेपी के प्रति कोई नकारात्मक बयान नहीं दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए और सच्चाई और झूठ को अलग-अलग करना चाहिए। हालांकि, वोरा ने यह नहीं बताया कि कैसे और किसने इस संदेश को फैलाया था। यह पहली बार नहीं है जब वरिष्ठ नेता ने विवाद का सामना किया है। इससे पहले, गांधीनगर से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बिना किसी पंजीकृत किसान के कृषि भूमि का अवैध रूप से अधिग्रहण किया था, जिसे बाद में उनके पुत्रों को स्थानांतरित कर दिया गया था।
बीजेपी के कई सदस्यों ने इस आरोपित भूमि सौदे की एक स्पष्ट जांच की मांग की थी। वोरा के चारों ओर लगातार विवादों ने पार्टी के भीतर आंतरिक अनुशासन और गुटबाजी के बारे में सवाल उठाए हैं, खासकर जब बीजेपी आगामी स्थानीय और राज्य-स्तरीय चुनावी चुनौतियों की तैयारी कर रही हो।

