Last Updated:February 02, 2026, 14:38 ISTAyodhya Latest News: अयोध्या के चर्चित GST कमिश्नर प्रशांत कुमार ने इस्तीफा देने के बाद नौकरी ज्वॉइन कर ली है. उन्होंने सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा दिया था. नौकरी ज्वॉइन करने के बाद उन्होंने मीडिया से दूरी बना रखी और किसी से बातचीत नहीं की है. आइए जानते हैं पूरा मामला. GST कमिश्नर प्रशांत कुमारअयोध्या: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह को लेकर के बड़ी खबर सामने आ रही है. बताते चलें कि उन्होंने शनिवार को एक बार फिर अपने पद पर ज्वाइन कर लिया है. हालांकि ज्वाइनिंग के बाद डिप्टी जीएसटी कमिश्नर मीडिया से दूरी बनाए रखे. वह अपने ऑफिस का दरवाजा बंद कर अंदर बैठे रहे और मीडिया के सवालों से बचते नजर आए. अपने भाई द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
सूत्रों के मुताबिक, अनौपचारिक बातचीत में प्रशांत कुमार सिंह ने अपने ही भाई पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनके भाई के संबंध मुख्तार अंसारी गैंग से रहे हैं. साथ ही यह भी कहा कि यदि उन्हें किसी तरह का गलत सर्टिफिकेट दिया गया था, तो पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. इसी बीच, अयोध्या के एक व्यापारी ने भी डिप्टी जीएसटी कमिश्नर पर 8 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप लगाया है. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है. फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.
व्यापारी ने क्या आरोप लगाया है?व्यापारी राजलक्ष्मी साड़ी सूट के मालिक लक्ष्मण दास ने डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके बयान सामने आने के बाद व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है. लक्ष्मण दास का कहना है कि 2 अप्रैल को प्रशांत कुमार सिंह उनके प्रतिष्ठान पर सर्च वारंट लेकर पहुंचे थे. व्यापारी के मुताबिक, उनकी एक और ब्रांच श्री राजलक्ष्मी सूट एंड साड़ी है, जिसका जीएसटी नंबर और पिन कोड अलग है. इसके बावजूद दोनों प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई और दोनों जगह के स्टॉक को जोड़कर गलत तरीके से फ्रॉड दिखाया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में उन्हें 8 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. लक्ष्मण दास ने यह भी कहा कि छापेमारी के दौरान उनके स्टाफ से आईडी और पासवर्ड पूछे गए और असिस्टेंट कमिश्नर के जरिए आईटीसी पोर्टल पर जमा 8 लाख 33 हजार 100 रुपये काट लिए गए. व्यापारी का कहना है कि वे बिक्री के हिसाब से पूरी पारदर्शिता के साथ टैक्स जमा करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत कुमार सिंह जैसे अधिकारी व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं. साथ ही यह भी कहा कि मऊ के माफिया मुख्तार अंसारी का नाम लेकर व्यापारियों को डराया जाता है. लक्ष्मण दास ने सरकार से मांग की है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.About the AuthorAbhijeet Chauhanन्यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ेंLocation :Ayodhya,Faizabad,Uttar PradeshFirst Published :February 02, 2026, 12:25 ISThomeuttar-pradeshGST कमिश्नर प्रशांत कुमार का यू-टर्न, इस्तीफा देने के बाद फिर की नौकरी ज्वॉइन

