Uttar Pradesh

Ground Report : मिर्जापुर में यहां 50 करोड़ की लागत से बनेगा इंडस्ट्रियल एरिया, स्टील-सीमेंट समेत इस बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा

मुकेश पांडेय/मिर्जापुर : वाराणसी से बेहद नजदीक मिर्जापुर का चुनार क्षेत्र को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर विकसित किया जाएगा. इससे व्यवसाय में तेजी मिलेगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. मिर्जापुर जिले का चुनार प्राचीन समय से व्यवसाय के लिए प्रसिद्ध है. पहले यहां से कोलकाता नाव से व्यवसाय होता था. वर्तमान में सीमेंट, स्टील, लोहा और पत्थरों के लिए जाना जाने वाला चुनार क्षेत्र सरकार की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया बनाया जाएगा. लघु उद्योग निगम लिमिटेड की ओर से प्रस्ताव तैयार करके सरकार को भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही परियोजना पर काम शुरू होगा.

जनपद के चुनार क्षेत्र को इंडस्ट्रियल एरिया के लिए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड ने खाका तैयार किया है. इसमें चुनार क्षेत्र में 62 एकड़ में इंडस्ट्रियल एरिया बनाया जाएगा. इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग के लिए जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही यूनिट स्थापित करने में मदद उपलब्ध कराया जाएगा. इससे रोजगार के अवसर खुलेंगे और लोगों को लाभ मिलेगा.

ये होंगी सुविधाएं 

इंडस्ट्रियल एरिया स्थापित होने के बाद कई सुविधाएं  उपलब्ध कराई जाएगी. एरिया में इंटरनेट, ड्रेनेज, बिजली, पानी, प्लाटेड इंडस्ट्रियल यूनिट के साथ ही ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था उपलब्ध होगी. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाइसेंस निर्गत करने में मदद प्रदान किया जाएगा. लोगों के जीवन मे परिवर्तन के साथ ही पूरे क्षेत्र का विकास होगा, जहॉं ट्रांसपोर्ट से लेकर होटल व्यवसाई तक को लाभ मिलेगा.

आपूर्ति व बिक्री में मदद
औद्योगिक इकाइयों के ज्यादा से ज्यादा विकास को लेकर लघु उद्योग निगम की स्थापना की गई. लघु विकास उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के साथ ही लघु उद्योग स्थापित करने में मदद, फैक्ट्रियों को कच्चा माल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्पादित वस्तुओं के बाजारों में बिक्री में सुविधा प्रदान कराता है. इंड्रस्टियल एरिया बनने से नए रोजगार का सृजन होगा और छोटे व्यवसाइयों को लाभ मिलेगा.

ये व्यवसाय है प्रमुख

चुनार में सबसे ज्यादा सीमेंट फैक्ट्री है. इसके साथ ही लोहे और स्टील के भी कई प्लांट है. गुलाबी पत्थरों की मूर्तियां और लकड़ी के खिलौने का काम होता है. अन्य कई व्यवसाईयों को लाभ मिलेगा. इससे लोहे, स्टील और अन्य धातु से बनने वाले सामान के लिए कच्चा माल, कोयले की आपूर्ति हो सकेगी. यहां से रीवा-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग और वाराणसी-प्रयागराज मार्ग को जोड़ेगा. माल के सप्लाई में तेज हो सकेगी.

यूपीएसआईडीसी ने तैयार किया प्रस्ताव

संयुक्त उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने बताया कि चुनार को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर विकसित करने के लिए 62 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. ऐसे में 50 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है. यूपीएसआईडीसी की ओर से प्रपोजल बनाया गया है.

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