बहराइच: शहर के मोहल्ला सलारगंज में निर्मित किसान बाजार आज धूल फांकने को मजबूर है. इसकी मंजूरी तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में मिली थी और इसका निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू किया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक इसका शुभारंभ नहीं हो सका. अगर यह बाजार शुरू होता, तो न केवल किसानों को लाभ मिलता, बल्कि जनपद के विकास को भी नई गति मिलती.
क्यों नहीं हो सका अब तक शुभारंभ
शुरुआत में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर सहित किसान बाजार का निर्माण लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से किए जाने की योजना सामने आई थी. इसके बाद मंडी परिषद और विद्युत खंड की प्रक्रियाएं पूरी की गईं और टेंडर जारी कर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया, लेकिन इसी दौरान अफसरशाही का खेल शुरू हो गया. यह कहा जाने लगा कि किसान बाजार के निर्माण के लिए चयनित स्थान उपयुक्त नहीं है, जिसके चलते परियोजना को रोक दिया गया.
बाद में केवल बेसमेंट के निर्माण और लागत घटाकर 17 करोड़ रुपये करने की शर्त पर परियोजना को दोबारा शुरू किया गया. कई रुकावटों के कारण दो साल में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट छह साल बाद, यानी वर्ष 2022 में पूरा हो सका, लेकिन इसके बाद भी इसका शुभारंभ नहीं हो पाया.
किसान बाजार की मौजूदा स्थिति
फिलहाल, किसान बाजार सिर्फ बेसमेंट तक ही बनकर तैयार हुआ है, जबकि ऊपर सिर्फ छत बनी हुई है. बाजार में कुल 42 दुकानें हैं, जो धूल फांक रही हैं. इसके साथ ही 50 वाहनों की क्षमता वाला पार्किंग एरिया भी बनाया गया है. निर्माण कार्य पूरा होने के साथ-साथ विद्युतीकरण का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. 11 केवी लाइन बिछाने और उसके निरीक्षण के लिए विद्युत विभाग में 39 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं.
पिछले करीब आठ महीनों से परिसर में लगे बिजली उपकरणों की सुरक्षा राम भरोसे है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति इस किसान बाजार की देखरेख कर रहा है, जिस पर हर महीने 15 हजार रुपये वेतन और अन्य खर्चों सहित करीब 20 हजार रुपये का खर्च आ रहा है.
राम भरोसे परियोजना, कब होगी शुरुआत?
इस परियोजना को लेकर जिम्मेदार अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं. वर्ष 2022 में निर्माण पूरा होने के बाद से यह किसान बाजार किसानों और व्यापारियों के लिए एक ‘आस’ बनकर रह गया है. किसान और व्यापारी इसके शुभारंभ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
इस संबंध में जब मंडी सचिव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि हो सकता है जल्द ही दुकानों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किया जाए. हालांकि, अब यह देखना होगा कि यह दावा कब तक सच साबित होता है?

