Last Updated:January 23, 2026, 11:31 ISTGround Report: सुल्तानपुर का ऐतिहासिक इटिहवा टीला संरक्षण के अभाव में अपनी पहचान खो रहा है. सूचना बोर्ड फाड़ दिए गए हैं और दो साल से चौकीदार तैनात नहीं हैं. प्रशासन ने जांच और मरम्मत का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीण धरोहर बचाने की मांग कर रहे हैं।हमारी धरोहर ही हमारी पहचान होती है, लेकिन यदि इनकी सुरक्षा न की जाए तो यह धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और मिट जाती है. ऐसी ही एक धरोहर देखरेख और संरक्षण के अभाव में खोती हुई चली जा रही है. जी हां हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर के ऐतिहासिक स्थल इटिहवा टीले की जो आज अपनी पहचान को खोता चला जा रहा है. यहां पर चेतावनी बोर्ड और उस पर धरोहर के बारे में लिखा गया सूचना पट्ट सरकार द्वारा लगवाया गया, लेकिन उसे अज्ञात लोगों ने फाड़ दिया. जिसके बाद गांव वालों ने यह आरोप लगाया है कि यहां पर नियुक्त चौकीदार पिछले दो सालों से दिखाई नहीं देता.
फाड़ा गया बोर्ड सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर अयोध्या की तरफ सरवन ग्राम सभा में एक इटिहवा टीला है, जो गोमती नदी के उत्तर दिशा में मौजूद है. यह टीला काफी प्राचीन है. इस टीले में सरकार द्वारा सूचना बोर्ड लगाया गया, जिससे इसकी महत्ता और ऐतिहासिक प्रमाण को लोगों तक पहुंचाया जा सके लेकिन अराजक तत्वों ने इस बोर्ड को फाड़ दिया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है.
नहीं आते चौकीदार स्थानीय निवासी राधेश्याम शर्मा ने लोकल 18 से कहा कि यहां पर पिछले 30 सालों से चौकीदार नियुक्त किए गए थे, लेकिन वर्तमान में एक भी चौकीदार नहीं हैं, वह 2 साल से यहां पर आते ही नहीं. जिसका खामियाजा यह है कि यहां पर लगाए गए बोर्ड, सूचना पट्ट और अन्य चीजें अराजक तत्वों के छेड़छाड़ का शिकार हो रही हैं.
ऐतिहासिक है यह स्थल यह टीला गोमती नदी के किनारे मौजूद है. ऐसा माना जाता है कि जनश्रुतियों के अनुसार यह भर राजवंशों का किला हुआ करता था. कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि इस किले के नीचे आज भी खजाना छिपा हुआ है. लेकिन संरक्षण और देखरेख के अभाव में यह किला पूरी तरीके से ढह गया है और आज मात्र इतिहास के पन्नों में ही दर्ज है. बोर्ड पर हुई छेड़छाड़ और तोड़फोड़ के संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) गौरव शुक्ला ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और बोर्ड को ठीक कराया जाएगा.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 23, 2026, 11:30 ISThomeuttar-pradeshबदहाली का शिकार हुआ सुल्तानपुर का यह ऐतिहासिक टीला, 2 साल से गायब है चौकीदार

