Uttar Pradesh

ग्रेटर नोएडा में कमर्शियल गैस सप्लाई पर रोक, युद्ध के बीच जमाखोरों पर नकेल कसने उतरीं प्रशासन की 4 टीमें

गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर संभावित आपूर्ति संकट को देखते हुए अलर्ट मोड में आ गया है. जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार विशेष टीमें गठित की हैं. ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी को रोका जा सके.

जिला आपूर्ति अधिकारी (प्रभारी) स्मृति गौतम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर एहतियातन कई कदम उठाए गए हैं. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी हाल में घरेलू गैस की कमी न होने पाए और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. इसी के तहत जिले में कंपनियों को दी जाने वाली कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 7 से 8 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जो कमर्शियल गैस का उपयोग करते हैं. सप्लाई पर लगी इस रोक का असर इन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

हालांकि, आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों, कॉलेजों और हॉस्टलों में जरूरत के अनुसार गैस की आपूर्ति जारी रखी जाएगी. इसके लिए संबंधित संस्थानों को पहले आपूर्ति विभाग को ई-मेल भेजकर अपनी जरूरत की जानकारी देनी होगी. विभाग आवश्यकता के आधार पर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा. प्रशासन को आशंका है कि कुछ पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी संचालक भविष्य में कीमतें बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्टॉक जमा कर सकते हैं।

इसी संभावना को खत्म करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं. ये टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर जाकर उपलब्ध स्टॉक का निरीक्षण कर रही हैं. यदि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिला आपूर्ति अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है. लोगों को जो डिलीवरी में देरी महसूस हो रही है, उसका कारण गैस बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में किया गया बदलाव है।

नए नियमों के अनुसार अब सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता अपनी पिछली डिलीवरी की तारीख से 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे, जबकि डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता 30 दिन बाद बुकिंग करा पाएंगे. इसके अलावा डिलीवरी की प्रक्रिया भी ‘फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट’ के आधार पर की जाएगी, यानी जो उपभोक्ता पहले बुकिंग कराएगा, उसे पहले सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी. डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का सत्यापन भी कराना होगा।

इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता को ही दिया जा रहा है और किसी प्रकार की अनियमितता न हो. स्मृति गौतम ने लोगों से अपील की है कि वे गैस सिलेंडर केवल अधिकृत गैस एजेंसी से ही खरीदें और किसी भी अन्य दुकान या अनधिकृत स्रोत से सिलेंडर लेने से बचें. ऐसा करने से कालाबाजारी को बढ़ावा मिल सकता है. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में तहसील और क्षेत्र स्तर पर भी निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं. ये टीमें लगातार निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगी कि जिले में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या गैस की कालाबाजारी न हो सके और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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