Uttar Pradesh

ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर की मौत के बाद प्रशासन सख्त, अब दोबारा नहीं होगा ऐसा हादसा, GNIDA ने उठाया यह कदम

ग्रेटर नोएडा  : हाल ही में नोएडा क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें एक इंजीनियर की बेसमेंट में पानी भरने से डूबकर मौत हो गई थी, के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने सड़क और निर्माण सुरक्षा को लेकर सख्त और व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि अब भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के जीएम एके सिंह ने बताया कि इस दुखद घटना से प्राधिकरण बेहद आहत है. उन्होंने कहा कि नोएडा में बिल्डर द्वारा बेसमेंट की खुदाई के दौरान पानी भर जाने से हुई इंजीनियर की मौत ने सिस्टम की कमियों को उजागर किया है. इसी को ध्यान में रखते हुए GNIDA के सीईओ के निर्देश पर पूरे प्राधिकरण स्टाफ को फील्ड में उतार दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके.

एके सिंह के अनुसार, सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों, जेई और मैनेजरों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट और हॉटस्पॉट को चिन्हित कर तत्काल सुधार करें. यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय जेई और मैनेजर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

एसीईओ स्तर के अधिकारी भी खुद फील्ड में उतरकर उन स्थानों की पहचान कर रहे हैं, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है. सोमवार को अब तक 10 प्रमुख हॉटस्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं. इनमें 130 मीटर चौड़ी सड़क, गौर सिटी, सिग्मा-4, सिग्मा-1 और 2, ओमेगा-1, अल्फा-1 और 2, जेपी ग्रीन्स और पाई सेक्टर डेल्टा-2 शामिल हैं.

इसके साथ ही चार से पांच ऐसे बिल्डरों को भी चिन्हित किया गया है, जिनके प्रोजेक्ट्स में इस समय बेसमेंट की खुदाई चल रही है. विशेष रूप से गौर सिटी क्षेत्र पर फोकस किया गया है, जहां अंडरपास का निर्माण कार्य जारी है. यहां बैरिकेडिंग, डायवर्जन, बालू की बोरियां और हार्ड बैरियर लगाए जा रहे हैं, ताकि तेज या लापरवाही से चलने वाली गाड़ियां भी समय रहते रुक सकें और हादसा न हो.जीएम एके सिंह ने बताया कि सीईओ के स्पष्ट आदेश हैं कि जहां भी टर्निंग पॉइंट या अधिक दुर्घटना संभावित स्थान हैं, वहां इलेक्ट्रिक टेप, ब्लिंकर्स लगाए जाएं. अंडरपास निर्माण स्थलों पर रेड लाइट्स लगाई जा रही हैं. जहां नालों की दीवारें टूटी हुई हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जा रहा है. खुले या छोटे नालों, जिनमें वाहन गिरने की आशंका रहती है, उन्हें भी सुरक्षित किया जा रहा है.फिलहाल 10 हॉटस्पॉट पर एक साथ काम चल रहा है और यह संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी. GNIDA ने साफ कर दिया है कि पूरे ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सड़क और निर्माण सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी, ताकि कोई भी स्थान जानलेवा साबित न हो और भविष्य में किसी परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े.

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