विजय कुमार/ग्रेटर नोएडा. उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रदूषण विभाग लगातार कार्य कर रहा है. बता दें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश के अनुसार बीते 15 मई से यहां डीजल जेनरेटर (डीजी सेट) चलाने पर पाबंदी लगा दी गई थी. ग्रेटर नोएडा के प्रदूषण विभाग ने यहां की 800 छोटी बड़ी औद्योगिक इकाई को नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि अगर जेनरेटर का कनेक्शन जुड़ा मिला तो उसे सील कर जुर्माना लगाया जाएगा.दरअसल, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आदेश दिया था कि 15 मई के बाद डीजल डीजी सेट का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. यहां दोहरे ईंधन जिसमें 70 प्रतिशत पीएनजी गैस और 30 प्रतिशत डीजल से चलने वाले जनरेटरों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा. प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी राधे श्याम ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही चेतावनी दे चुका है कि परिसर में रखे डीजी सेट का कनेक्शन जुड़ा मिलने पर उसे सील कर दिया जाएगा. जब तक दोहरे ईंधन या पीएनजी चलित जनरेटर का बंदोबस्त नहीं किया जाएगा तब तक रोज 5,000 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगेगा.औद्योगिक इकाईयों को आ रही है ये समस्याडीजी कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद 45 दिन के सिक्योरिटी चार्ज के साथ शुल्क मांगा जा रहा है, जिसका न्यूनतम खर्च 1.5 लाख रुपये से अधिक है. वहीं, गैस आधारित 20 केवीए के नए जनरेटर सेट की कीमत 5-6 लाख रुपये, 25 केवीए का 6-8 लाख रुपये और 100 केवीए का 12-14 लाख रुपये है.इसके अलावा, डीजी सेट को दोहरे ईंधन में बदलने का खर्च भी पांच लाख रुपया से ऊपर है. एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लगे लगभग 50 हजार जनरेटर को ड्यूल-फ्यूल में बदलने से जिले के उद्योग-धंधे पर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ पड़ने का अनुमान है..FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 16:23 IST
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