Uttar Pradesh

गरीबी से कम नहीं हुआ इस बुजुर्ग महिला का जज्बा, फूल माला बेचकर भी करती हैं गरीब बेटियों की मदद, पढ़ें इमोशनल स्टोरी

Last Updated:January 18, 2025, 12:20 ISTफूल विक्रेता वृद्ध महिला मीरा देवी ने कहा कि वो बलिया जिले के बांसडीह की रहने वाली हैं. मीरा की शादी, बलिया शहर में हुई थी. आज उनका शहर में अपना घर भी है. मीरा की जिंदगी बहुत दुख: दाई रही.X

बुजुर्ग महिला की कहानी बलिया: किसी ने क्या खूब कहा है कि विकल्प बहुत मिलेंगे मार्ग भटकाने के लिए, लेकिन संकल्प एक ही काफी है मंजिल तक जाने के लिए… कष्टदाई जीवन को कैसे सुख में बदला जा सकता है. इसका जीता जागता उदाहरण बलिया की ये बुजुर्ग महिला है. सही सुना अपने बच्चों को पढ़ाना और परिवार के विपरीत परिस्थितियों को मात देने का संकल्प आखिरकार इस महिला ने पूरा कर ही लिया. जी हां, इस बुजुर्ग ने एक महिला ने जो काम किया उससे हर कोई मोटिवेट हो रहा है.

फूल विक्रेता वृद्ध महिला मीरा देवी ने कहा कि वो बलिया जिले के बांसडीह की रहने वाली हैं. मीरा की शादी, बलिया शहर में हुई थी. आज उनका शहर में अपना घर भी है. मीरा के गरीबी की जिंदगी बहुत दुख: दाई रही. मीरा शहर के प्रख्यात बालेश्वर मंदिर पर सालों पूजा का सामान बेचती रहीं. फिलहाल, रंग बिरंगे फूल-पत्तियां मीरा के जीवन को सुगंधित बना रही हैं.

रंग-बिरंगे फूलों ने बदला मीरा की किस्मत

12 साल तक लगातार मीरा ने बालेश्वर जी के मंदिर में सेवा करने के साथ फूलमाला, सिंदूर और बताशा इत्यादि बेचने का काम किया. वर्तमान में वो लगभग 40 साल से शहर के प्रख्यात हनुमानगढ़ी मंदिर, बलिया पर अनेकों प्रकार के फूल बेचने का काम कर रही हैं. इन फूलों को बेचकर ही वो अपने बेटे को पढ़ा-लिखा कर शादी भी कर दी.

बेटियों की शादी में फ्री में देती हैं फूल

यही नहीं मीरा ने लगभग 200 गरीब बेटियों के शादी में नि:शुल्क फूल भी दिया. मीरा की दुकान 40 वर्ष पहले इकलौती थी. बनारस और बलिया लोकल से मीरा फूल लाती हैं. फिलहाल में उनका प्रतिदिन कम से कम हजार रुपए का फूल बिक जाता हैं, जिनके पास पैसा नहीं होता मीरा उनको भी फूल देती हैं.
Location :Ballia,Ballia,Uttar PradeshFirst Published :January 18, 2025, 12:18 ISThomeuttar-pradeshगरीबी से कम नहीं हुआ बुजुर्ग महिला का जज्बा, फूल बेचकर करती हैं दूसरों की मदद

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