गोरखपुर. वैसे तो हमारे देश में आम को फलों का राजा कहा जाता है. आम का नाम सुनते ही लोगों की जुबां पर पानी आ जाता है. जो कई किस्म की प्रजातियों में पाया जाता है. देश के विभिन्न प्रांतों में या विभिन्न किस्म की प्रजातियों में पाया जाता है. कहीं दशहरी तो कहीं लंगड़ा तो कहीं चौसा जैसे नामों से यह जाना जाता है. इन सब का स्वाद और बनावट अलग-अलग प्रकार की होती है. वहीं गोरखपुर शहर में गवरजीत प्रजात के आम ने गोरखपुर शहर के साथ ही पूर्वांचल का सम्मान बढ़ा रहा है. यह अपने अनोखे स्वाद की बदौलत पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में अपनी धाक जमाए हुए हैं.गवरजीत आम अपने स्वाद के जरिए सभी को फीका कर देता है. वही इसका उत्पादन बाकी आम के प्रजातियों की तुलना में कम होता है. यह आम सिद्धार्थनगर के नौगड़ गोरखपुर शहर के कैंपियरगंज के साथ ही बिहार के कुछ हिस्सों में पैदा होता है. इसकी बिक्री बगीचे में ही लग जाती है थोक से लेकर फुटकर बेचने वाले ग्राहक इसे पेड़ पर ही खरीद लेते हैं.क्वालिटी के चलते दूसरी प्रजातियों से महंगागवरजीत आम दूसरे किस्म के आम की तुलना में ज्यादा खास इसलिए है क्योंकि इसे कार्बाइड से नहीं पकाया जाता. बल्कि वह खुद पककर जमीन पर गिरता है. साथ ही यह बाजार में आम की लगी दुकानों पर पत्तों के साथ ही नजर आता है. वहीं इसकी कीमत 70 रूपए प्रति किलो के हिसाब से होती है. जबकि अन्य किस्म के आम अलग-अलग कीमत ने बाजार में उपलब्ध रहते हैं.गोरखपुर मंडल की एक पहचान है गवरजीत आमन्यूज 18 से बात करते हुए अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिक राम चेत चौधरी ने बताया कि गवरजीत आम गोरखपुर और बस्ती मंडल की एक पहचान है. क्योंकि यह आम अन्य आम की प्रजातियों की तुलना में काफी अलग है. साथ ही यह मार्केट में सबसे पहले उपलब्ध हो जाता है. साथ ही उन्होंने बताया कि गवरजीत आम वैसे वाला आम है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : April 20, 2023, 06:52 IST
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