World Cup 2023: अफगानिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को लगभग हारी हुई बाजी में जीत दिलाने वाले ग्लेन मैक्सवेल का गोल्फ से पुराना लगाव रहा है, जिसका उन्हें इस मैच में फायदा भी हुआ. अफगानिस्तान के खिलाफ चोटिल होने के बावजूद उन्होंने अपने पैर को हिलाए बिना जिस तरह के छक्के लगाए वह गोल्फ के खिलाड़ियों के स्विंग के समान थे. मैक्सवेल को शौकिया तौर पर गोल्फ खेलना पसंद है, लेकिन उनका यह शौक एक समय उनके करियर के लिए घातक हो गया था. वह अपने दोस्त के घर की लॉन में गोल्फ खेलते हुए गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे.
गोल्फ की वजह से मैक्सवेल बने बेहद घातकग्लेन मैक्सवेल इस चोट के बाद भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे. वह इस बात को समझ चुके थे कि 35 साल की उम्र में टेस्ट टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा और उन्होंने पूरा ध्यान सीमित ओवरों की क्रिकेट पर लगाया. चोट से वापसी के बार कई लोगों के मन में मैक्सवेल की पहले की तरह की पावर हिटिंग पर संदेह था, लेकिन उन्होंने आईपीएल के पिछले सत्र में 14 मैचों में 183 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 400 के ज्यादा रन बनाए.
अफगानिस्तान के खिलाफ कातिलाना पारी का खुला राज
ग्लेन मैक्सवेल ने आईपीएल में ही इस बात की झलक दिखा दी थी की वर्ल्ड कप के दौरान भारत की परिस्थितियों का पूरा लुत्फ उठाएंगे. मैक्सवेल बचपन से गोल्फ और टेनिस खेलते रहे है और इसी के कारण उनका हाथ और नजरों का सामंजस्य शानदार रहा है. अफगानिस्तान के खिलाफ 128 गेंदों में नाबाद 201 रनों की पारी के दौरान पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद उन्होंने अपने हाथों के दम पर कई ऐसे छक्के लगाए, जिसका तरीका गोल्फ के स्विंग (शॉट) की तरह था.
गेंद को दूर तक प्रहार करते हैं ग्लेन मैक्सवेल
गोल्फ खिलाड़ी जब गेंद को दूर तक प्रहार करता है तब अपने पैर को हिलाए बिना हाथ और शरीर के ऊपरी हिस्से के ताकत का इस्तेमाल करता है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक भी मैक्सवेल के गोल्फ में खेल को देख चुके है. उन्होंने ‘ए स्पोर्ट्स’ पर कहा,‘मैक्सवेल का स्विंग (गोल्फ शॉट) 400 मीटर (दूरी) का होता है.’ मैक्सवेल को हालांकि इस ऐतिहासिक पारी के दौरान अफगानिस्तान के फील्डरों और गेंदबाजों ने भी लचर प्रदर्शन किया. उन्हें इस दौरान दो जीवनदान मिले और गेंदबाजों ने ओवर पिच गेंद कर उन्हें आसानी से बड़े शॉट खेलने का मौका दिया.
2018 में डिप्रेशन का सामना किया
मैक्सवेल के लिए कुछ भी आसान नहीं रहा. उन्होंने 2018 में डिप्रेशन का सामना किया है और इससे निपटने के लिए उन्हें पेशेवर मदद लेनी पड़ी. लंबे समय की साथी विनी रमन से शादी और फिर पिता बनने के बाद वह क्रिकेट से परे भी जीवन के बारे में सोच रहे है और खुशहाल जिंदगी जी रहे है. अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को उन्होंने जो हासिल किया, वह एक और अनोखा प्रदर्शन था. ऐसा प्रदर्शन जिसकी तुलना 40 साल पहले की कपिल देव की बल्लेबाजी से ही की जा सकती है. इस तरह का अगला उदाहरण हमें शायद 40 साल के बाद देखने को मिले.
Govt figures Tell a Tale
Corpns, federations, welfare boards have little to show for work Source link

