Uttar Pradesh

गन्ने में निकलने लगे हैं कल्ले, तो किसान खेत में जरूर कर लें ये काम, बंपर होगी पैदावार, फसल में नहीं लगेगा रोग

Last Updated:April 29, 2025, 07:27 ISTSugarcane Farming Tips: गन्ना किसानों के लिए अप्रैल, मई और जून का महीना बेहद ही महत्वपूर्ण होता है. इन दोनों अगर किसान समय पर निराई-गुड़ाई, कीट प्रबंधन, सिंचाई और पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति कर दें त…और पढ़ेंX

गन्ना हाइलाइट्सअप्रैल में गन्ने की निराई-गुड़ाई और सिंचाई जरूरी है.गन्ने की फसल में नमी बनाए रखें और कीटनाशक का उपयोग करें.खरपतवार हटाने से गन्ने के कल्ले तेजी से बढ़ते हैं.अतीश त्रिवेदी/लखीमपुर : यूपी के लखीमपुर जिले को चीनी का कटोरा कहा जाता है. यहां के 80% किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं. गन्ना किसानों के लिए अप्रैल का महीना बेहद ही महत्वपूर्ण होता है. इन दिनों अगर किसान समय पर निराई-गुड़ाई, कीट प्रबंधन, सिंचाई और पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति कर दें तो आपको पूरे साल अच्छी पैदावार मिल सकती है. इस दौरान की गई मेहनत का फल पूरे साल मिलता रहता है. बदलते मौसम के कारण गन्ने की फसल में कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है. जिस कारण पौधे की ग्रोथ कम होने लगती है.

जिन किसानों ने बसंत कालीन गन्ने की बुवाई फरवरी और मार्च में की है, उनकी फसल में यह समय कल्ले निकलने का है. इस समय तापमान अनुकूल होने के कारण कल्ले तेजी से निकलते हैं, इसलिए मिट्टी में नमी बनाए रखना आवश्यक है.

गन्ने के खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखें और समय-समय पर सिंचाई करते रहें. प्रत्येक 20 से 25 दिन में सिंचाई करें और 3-4 दिन बाद, जब मिट्टी में नमी हो, तो गन्ने की फसल की गुड़ाई जरूर करें.  गुड़ाई करने से खरपतवार की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. खरपतवार नष्ट होने के बाद मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होगा, जिससे गन्ने के कल्लों का विकास तेजी से होगा. अप्रैल के महीने में गुड़ाई और सिंचाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

गन्ने की फसल को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना आवश्यक हो सकता है. जिसको लेकर एग्रीकल्चर एक्सपर्ट पवन कुमार ने बताया कि अपने खेतों की गुड़ाई करते समय यह ध्यान देना बहुत जरूरी है कि गन्ने में सूंड़ी रोग का प्रकोप तो नहीं हो रहा है, जिससे  गन्ने का विकास रुक जाता है, पौधा सूखकर नष्ट हो जाता है.

गन्ने के खेतों में इस दवा का करें  छिड़काव 

प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन दवा का खेतों में छिड़काव कर सकते हैं.
Location :Lakhimpur,Kheri,Uttar PradeshFirst Published :April 29, 2025, 07:27 ISThomeagricultureगन्ने में निकलने लगे हैं कल्ले, तो किसान खेत में जरूर कर लें ये काम

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