Ghaziabad News: गाजियाबाद में अपना आशियाना बनाने या व्यापार शुरू करने का सपना देख रहे लोगों के लिए खुशखबरी है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने निवेश की राह आसान करते हुए अब हर शुक्रवार को संपत्तियों की मेगा नीलामी करने का फैसला लिया है. इसी कड़ी में 6 फरवरी को लोहिया नगर के हिंदी भवन में 130 से अधिक प्राइम प्रॉपर्टीज की बोली लगेगी, जिसमें इंदिरापुरम से लेकर कौशांबी तक के बेशकीमती प्लॉट शामिल हैं.
6 फरवरी को 130 संपत्तियों पर लगेगी बोली
अगली नीलामी शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगी. इस बार नीलामी में करीब 130 प्रॉपर्टियों को सूची में शामिल किया गया है। नीलामी में गाजियाबाद के प्रमुख और विकसित इलाकों की प्रॉपर्टियां रखी गई हैं, जिनमें कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ, इंदिरापुरम, कौशांबी और आंबेडकर रोड जैसे विकसित इलाकों के प्राइम लोकेशन वाले प्लॉट शामिल हैं.
सिर्फ घर ही नहीं, स्कूल और अस्पताल के लिए भी प्लॉट उपलब्धGDA इस बार केवल आवासीय प्लॉट ही नहीं, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली संपत्तियां भी बेच रहा है. नीलामी में प्राइमरी स्कूल, अस्पताल, हेल्थ सेंटर और कियोस्क के लिए भी जगह आरक्षित की गई है. जीडीए के एई रुद्रेश शुक्ला के अनुसार, इससे शहर के समग्र विकास को गति मिलेगी.
हर शुक्रवार आयोजित होगी नीलामीजीडीए के एई रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि प्राधिकरण अब हर शुक्रवार को नियमित रूप से नीलामी आयोजित करेगा. कहा कि इससे आम लोगों को प्रॉपर्टी खरीदने का बेहतर और पारदर्शी मौका मिलेगा. 6 फरवरी को होने वाली नीलामी में लोग कमर्शियल और रेजिडेंशियल दोनों तरह की प्रॉपर्टियों में निवेश कर सकते हैं. नीलामी में भाग लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं.
कैसे करें आवेदन? ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्पनिवेशकों की सुविधा के लिए GDA ने आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल रखा है:
ऑफलाइन: एचडीएफसी बैंक (HDFC) की किसी भी शाखा से फॉर्म प्राप्त कर जमा किया जा सकता है.
ऑनलाइन: दूर रहने वाले निवेशक GDA की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं.
निवेशकों का बढ़ा भरोसा, ₹450 करोड़ का जुटाया राजस्वगाजियाबाद की संपत्तियों के प्रति लोगों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. साल 2026 के शुरुआती दौर में ही हुई महज दो नीलामियों से प्राधिकरण को 450 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित नीलामी से मार्केट में पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी पर लगाम लगेगी.

