Uttar Pradesh

गार्डनिंग टिप्स: पाले और ठंड से बचाकर जनवरी में उगाएं रसीले खीरे, अपनाएं ये 7 आसान स्टेप्स

Last Updated:January 17, 2026, 13:12 ISTअगर आप ताजगी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियों के शौकीन हैं, तो आप अपने किचन गार्डन में आसानी से सब्जियां उगा सकते हैं. इस समय आप अगेती खीरा तैयार कर सकते हैं. खीरा मूल रूप से गर्मी की फसल है, लेकिन सही तकनीक और थोड़ी अतिरिक्त देखभाल के साथ आप साल की शुरुआत में ही इसके पौधे तैयार कर सकते हैं. जनवरी में खीरा उगाने का सबसे पहला कदम है सही बीजों का चयन करना. इस समय तापमान कम होता है, इसलिए ‘हाइब्रिड’ या ‘कोल्ड टॉलरेंट’ यानी ठंड सहने वाली किस्मों का चुनाव करें. ऐसी किस्में चुनें जो कम धूप और नमी वाले वातावरण में भी तेजी से बढ़ सकें. अच्छी क्वालिटी के बीज किसी भरोसेमंद नर्सरी से लेने पर जमाव की संभावना 90% से ऊपर रहती है. जनवरी की सीधी ठंड मिट्टी में बीज जमने नहीं देती, इसलिए सीधे जमीन में बोना सही नहीं है. इसके बजाय सीडलिंग ट्रे या छोटे डिस्पोजेबल कप का इस्तेमाल करें. इसमें कोकोपीट और वर्मीकंपोस्ट का मिश्रण भरें और हर कप में एक या दो बीज डालें. इन्हें घर के अंदर या किसी गर्म स्थान पर रखें, जिससे बीजों को अंकुरित होने के लिए 20–25°C का जरूरी तापमान मिलेगा और वे पाले से बचकर सुरक्षित रहेंगे. खीरे के पौधों को सूरज की रोशनी बहुत पसंद है. जनवरी में दिन छोटे होते हैं, इसलिए जैसे ही बीजों से छोटे पौधे निकलें, उन्हें ऐसी जगह रखें जहां उन्हें रोजाना 6–8 घंटे की सीधी धूप मिल सके. अगर बाहर बहुत ज्यादा ठंड है, तो पारदर्शी प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल करें. यह शीट पौधों के चारों ओर नमी और गर्मी बनाए रखेगी, जिससे उनकी बढ़वार तेज होगी. Add News18 as Preferred Source on Google जब खीरे के पौधे 3–4 इंच के हो जाएं, तो उन्हें बड़े गमलों या क्यारियों में शिफ्ट कर दें. खीरे के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. मिट्टी तैयार करते समय इसमें लगभग 40% पुरानी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाएं. ध्यान रखें कि खीरा एक ‘हैवी फीडर’ पौधा है, जिसे अपनी बेल फैलाने और फल देने के लिए भरपूर पोषक तत्वों की जरूरत होती है. साथ ही, मिट्टी में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होना जरूरी है. सर्दियों में खीरे की सिंचाई प्रबंधन बेहद जरूरी है. खीरा नमी पसंद करता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी इसकी जड़ों को सड़ा सकता है. हमेशा हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और सिर्फ तब पानी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे. शाम के समय पानी देने से बचें, क्योंकि रात की ठंड और नमी फंगस के खतरे को बढ़ा देती है. सुबह की धूप निकलने पर पानी देना सबसे बेहतर तरीका है. खीरा एक बेल वाली फसल है, जिसे ऊपर चढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है. जनवरी के अंत तक जब बेल बढ़ने लगे, तो बांस की खपच्चियों या नेट का उपयोग करें. इसे वर्टिकल उगाने से फलों की क्वालिटी अच्छी रहती है और वे जमीन की नमी से खराब नहीं होते. साथ ही, समय-समय पर पौधों की पीली पत्तियों को हटाते रहें ताकि मुख्य बेल को बढ़ने और फल देने के लिए पूरी ऊर्जा मिल सके. सर्दियों और शुरुआती बसंत में खीरे पर एफिड्स और सफेद मक्खी का हमला हो सकता है. इससे बचने के लिए हर 15 दिन में नीम के तेल का स्प्रे करें. यदि सब कुछ सही रहा, तो बुवाई के 50–60 दिनों में आपको अपनी मेहनत का फल मिलने लगेगा. ताजे खीरे तभी तोड़ें जब वे मध्यम आकार के हों, क्योंकि ज्यादा बड़े होने पर वे कड़वे हो सकते हैं और उनके बीज सख्त हो जाते हैं.First Published :January 17, 2026, 13:12 ISThomeagricultureKitchen Garden: किचन गार्डन में जनवरी में उगाएं ताजे खीरे, जानिए आसान तरीका

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