रिपोर्ट- सृजित अवस्थी
पीलीभीत. यूपी के पीलीभीत में गणेश चतुर्थी का मेला लगेगा या नहीं इसका फैसला अदालत को करना है. हालांकि शोभायात्रा से लेकर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बस इंतजार है तो अदालत के फैसले का. ऐसा क्यों चलिए बताते हैं.
दरअसल यूपी के पीलीभीत में सन 1985 में पहली बार मीना कोठी बाजार में मेला लगाया गया था. इसके बाद कई सालों तक मीना कोठी बाजार में मेला आयोजित होता रहा, लेकिन सन 1992 में मेले में बढ़ती भीड़ को देखकर इसे सन 1993 से रामलीला मैदान में आयोजित कराया जाने लगा. सन् 1995 से ही इस मेले पर विवाद का संकट मंडराने लगा और उसी साल रामलीला मैदान मंदिर महंत ने जगह देने से इंकार कर दिया. इसके बाद तमाम लोगों ने प्रदर्शन किया. तत्कालीन जिलाधिकारी ने समझा-बुझाकर लोगों के बीच समझौता कराया था, लेकिन सन 2000 में महंत ने न्यायालय में वाद दायर कर दिया और मामला न्यायालय में विचाराधीन था. मई 2022 में निचली अदालत में मेले पर रोक लगा दी. इसके बाद जिला न्यायालय में विचाराधीन हो गया. इस मामले में फैसला 29 अगस्त को आना था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते अब यह फैसला आज यानि 31 अगस्त को आना है. अब यह परंपरागत मेला लगेगा या नहीं इसका फैसला जिला जज ही करेंगे.
कोर्ट के फैसले पर ‘भाव और भक्ति’ की नजरगणेश चतुर्थी का यह परंपरागत मेला काफी वृहद स्तर पर आयोजित किया जाता है. शुरुआती दौर में तो स्थानीय दुकानदार ही मेले में दुकान लगाते थे, लेकिन जैसे-जैसे मेला बढ़ता गया लोगों की भीड़ बढ़ती गई. जिले भर के दुकानदार मेले में व्यापार के लिए पहुंचने लगे. पीलीभीत में लगने वाला यह मेला अपने अंदर ‘भाव और भक्ति’ दोनों को समेटे हुए था, लेकिन न्यायालय के रोक लगाने के बाद से ही कई जिलों के व्यापारियों की निगाहें अब जिला जज के फैसले पर टिकी हुई हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Ganesh Chaturthi, Ganesh Chaturthi Celebration, Pilibhit newsFIRST PUBLISHED : August 31, 2022, 12:54 IST
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