Uttar Pradesh

गाजियाबाद: स्वर्ण जयंती पार्क को संवारने में नहीं मिल रहे पार्टनर, तीसरी बार टेंडर जारी, किराया 10 लाख से घटाकर 6 लाख किया

Last Updated:January 26, 2026, 09:45 ISTGhaziabad News: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित स्वर्ण जयंती पार्क के निजीकरण की योजना अधर में लटकी है. दो बार टेंडर फेल होने के बाद, नगर निगम ने अब मासिक बेस प्राइस 10 लाख से घटाकर 6 लाख रुपये कर दिया है. पार्क में 40 दुकानें होने और भारी भीड़ के बावजूद, कंपनियां रेजिडेंट्स के विरोध और आय की अनिश्चितता के डर से टेंडर में रुचि नहीं दिखा रही हैं. अब तीसरी बार टेंडर जारी कर बेहतर रखरखाव और आय की उम्मीद जताई गई है.फोटो-AIGhaziabad News: शहर के सबसे बड़े और पसंदीदा ‘स्वर्ण जयंती पार्क’ की सूरत बदलने की योजना फिलहाल कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही है. इंदिरापुरम के नीति खंड स्थित इस पार्क को निजी हाथों में सौंपने की नगर निगम की कोशिशें लगातार नाकाम हो रही हैं. दो बार टेंडर प्रक्रिया विफल होने के बाद, अब निगम ने हार मानकर शर्तों में ढील दी है और मासिक रेट में 4 लाख रुपये की बड़ी कटौती की है.

दो बार की कोशिशें नाकाम, अब तीसरी बार दांवनगर निगम स्वर्ण जयंती पार्क को निजी प्रबंधन को सौंपकर न केवल पार्क का रख-रखाव बेहतर करना चाहता है, बल्कि अपनी आय बढ़ाने की भी योजना है. करीब दो महीने पहले जब पहली बार टेंडर निकाला गया था, तब निगम ने प्रति माह 10 लाख रुपये की आय का लक्ष्य रखा था. भारी भरकम रकम को देखते हुए किसी भी एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई. इसके बाद दूसरी बार शर्तों में ढील दी गई, लेकिन फिर भी कोई आगे नहीं आया. अब तीसरी बार टेंडर जारी करते हुए मासिक रेट को घटाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है.

पार्क की लोकप्रियता पर एजेंसियों को क्यों है डर?
स्वर्ण जयंती पार्क गाजियाबाद के सबसे लोकप्रिय पार्कों में से एक है. वीकेंड पर यहां भारी भीड़ होती है और टिकट व्यवस्था, फोटोग्राफी व पिकनिक के जरिए अच्छी आय होती है. इसके बावजूद एजेंसियां हाथ पीछे खींच रही हैं. इसकी मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं,पार्क में कुल 40 दुकानें हैं, लेकिन सभी अंदर की तरफ हैं. एजेंसियों को डर है कि इससे पर्याप्त कमाई नहीं होगी. निगम अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि भविष्य में दुकानों की पीछे की दीवार तोड़कर उन्हें ‘रोड फेसिंग’ बनाया जा सकता है, लेकिन एजेंसियों को डर है कि स्थानीय रेजिडेंट्स इसका विरोध कर सकते हैं, जिससे उनका निवेश फंस जाएगा.

निगम का लक्ष्य: स्वच्छता, सुरक्षा और मनोरंजनउद्यान अधिकारी डॉ. अनुज का कहना है कि मासिक रेट कम होने के बाद इस बार निजी कंपनियों के आगे आने की पूरी उम्मीद है. नगर निगम की योजना है कि निजी प्रबंधन आने से पार्क में बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित हो सकेगी. लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. मनोरंजन के नए साधन विकसित किए जा सकेंगे और नगर निगम को हर महीने एक निश्चित और नियमित आय प्राप्त होगी.About the AuthorRahul Goelराहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ेंLocation :Ghaziabad,Uttar PradeshFirst Published :January 26, 2026, 09:45 ISThomeuttar-pradeshस्वर्ण जयंती पार्क को संवारने में नहीं मिल रहे पार्टनर, तीसरी बार टेंडर जारी

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