Last Updated:January 25, 2026, 11:15 ISTGhaziabad News: गाजियाबाद में युद्ध और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सिविल डिफेंस ने शहर के बेसमेंट को ‘बंकर’ और ‘शेल्टर होम’ के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. इसके लिए जिला प्रशासन से सभी बेसमेंट का ब्यौरा मांगा गया है. इन बंकरों को फर्स्ट-एड किट, खाद्य सामग्री, जनरेटर और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी अनिवार्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा. साथ ही, NH-9 के अंडरपास को भी सुरक्षित ठिकानों के रूप में विकसित करने की तैयारी है ताकि संकट के समय नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके.फोटो-AIGhaziabad News: गाजियाबाद में अब किसी भी आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसे हालातों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर बड़ी प्लानिंग की जा रही है. दरअसल, सिविल डिफेंस ने जिले के सभी बेसमेंट को ‘बंकर’ और ‘शेल्टर होम’ के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. इसके लिए जिला प्रशासन (DM) से शहर के सभी बेसमेंट का पूरा डेटा मांगा गया है. पिछले साल हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सुरक्षा के इस मॉडल को अब धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है.
युद्ध और आपातकाल के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार
सिविल डिफेंस की ओर से गाजियाबाद में मौजूद सभी बेसमेंट को बंकर के रूप में तब्दील करने की प्लानिंग की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय ‘ब्लैक आउट’ या हमले की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित स्थान प्रदान करना है. सिविल डिफेंस ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जिले में कुल मौजूद बेसमेंट की जानकारी मांगी है ताकि उन्हें जरूरी संसाधनों से लैस कर हमेशा तैयार रखा जा सके.
इन जरूरी सुविधाओं से लैस होंगे बंकरसिविल डिफेंस के अधिकारियों के अनुसार, एक आदर्श बंकर में केवल छत होना काफी नहीं है. इसके लिए कुछ मानक तय किए गए हैं, जैसे- फर्स्ट एड किट की उपलब्धता. आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम. क्षमता के अनुसार पीने का पानी और डिब्बाबंद सूखा खाद्य पदार्थ. जनरेटर, टॉर्च और बैटरी. और हां… पर्सनल हाइजीन से जुड़ा जरूरी सामान.
NH-9 के अंडरपास भी बनेंगे सुरक्षित ठिकानेसिर्फ इमारतों के बेसमेंट ही नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे-9 (NH-9) के अंडरपास भी सुरक्षा की दृष्टि से अहम माने जा रहे हैं. सिविल डिफेंस ने गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA), नगर आयुक्त, PWD और NHAI से भी संपर्क किया है. अधिकारियों का मानना है कि NH-9 में 5 से अधिक ऐसे अंडरपास हैं जो आसानी से नजर नहीं आते और उन्हें बेहतरीन शेल्टर होम के रूप में विकसित किया जा सकता है.
क्या बोले अधिकारी?सिविल डिफेंस के एडीसी (ADC) गुलाम नबी ने बताया, ‘हमने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी मांगी है. हम चाहते हैं कि हमारे पास पूरा डेटा हो कि कहां-कहां बेसमेंट मौजूद हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल और प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके.’About the AuthorRahul Goelराहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ेंLocation :Ghaziabad,Uttar PradeshFirst Published :January 25, 2026, 11:12 ISThomeuttar-pradeshगाजियाबाद में बनेंगे वॉर बंकर, सिविल डिफेंस ने मांगी सभी बेसमेंट की जानकारी

