गाजियाबाद में नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग सौतेली बहनों की मौत के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. 11, 14 और 16 साल की तीनों बहनों ने बीते बुधवार को अपने अपार्टमेंट से छलांग लगा दी. घटना के एक दिन बाद उनके पिता ने खुलासा किया कि मौत से कुछ घंटे पहले लड़कियां उनसे दक्षिण कोरिया ले जाने की जिद कर रही थीं और कह रही थीं कि अगर उन्हें वहां नहीं भेजा गया तो वे “मर जाएंगी.
पुलिस की जांच में गेम का नहीं मिला सबूत
पिता ने शुरुआत में इस घटना को तथाकथित “ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स” से जोड़ा था, जिसे लेकर पुलिस भी जांच कर रही है. हालांकि गाजियाबाद पुलिस ने साफ किया है कि अब तक की जांच में ऐसे किसी गेम से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है. ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि परिवार के दावों की पुष्टि की जा रही है और सभी पहलुओं से मामले की जांच चल रही है.
पुलिस जांच में क्या सामने आया
ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि जिस मोबाइल फोन से जांच की गई है, वह मां का था और उसमें किसी भी तरह के संदिग्ध मैसेज, कॉल या टास्क-बेस्ड गेमिंग का कोई प्रमाण नहीं मिला. पुलिस परिवार के सभी दावों की पुष्टि कर रही है और उन्हें विस्तार से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.
कोरियन पॉप कल्चर से गहरा लगाव
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन पॉप कल्चर से काफी प्रभावित थीं. वे लंबे समय तक के-ड्रामा, के-पॉप म्यूजिक और डांस से जुड़े वीडियो देखा करती थीं. पिता का दावा है कि लड़कियां कोरियन म्यूजिक और डांस वीडियो की आदी हो गई थीं और उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे.
पढ़ाई छोड़ने और नाम बदलने का दावा
पिता के अनुसार, तीनों बहनों ने करीब दो साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी और वे लगातार कोरिया जाकर पढ़ाई करने की बात कहती थीं. उन्होंने भारतीय नामों का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था. जब परिवार उनसे भारतीय संस्कृति या भारत से जुड़ी बातें करता था तो वे नाराज हो जाती थीं और कभी-कभी खाना भी छोड़ देती थीं.
आत्महत्या मानकर जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है. डीसीपी के मुताबिक, पिछले 6-7 महीनों में लड़कियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो पुराने मोबाइल फोन पिता ने बेच दिए थे, जिन्हें पुलिस ट्रेस करने की कोशिश कर रही है. पुलिस का कहना है कि यदि परिवार की ओर से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कोई ठोस सबूत दिए जाते हैं, तो उस एंगल से भी जांच की जाएगी.
कई सवाल अब भी बाकी
इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि समाज के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या बच्चों पर डिजिटल कंटेंट का अत्यधिक प्रभाव खतरनाक हो सकता है, और समय रहते उनकी मानसिक स्थिति को समझना कितना जरूरी है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने आ पाएगी.

