लखनऊ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अनिश्चित डिलेवरी के कारण भट्ठी की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है. शहर के बाजारों में गैस की कमी से परेशान रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक अब भट्ठी को विकल्प के रूप में खरीद रहे हैं, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ गई है. एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के कारण भट्ठी की बढ़ी मांग.
लखनऊ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अनिश्चित डिलेवरी को देखते हुए शहर में भट्ठी बनाने और बेचने वाली दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ऑर्डर अचानक बढ़ गए हैं, जिससे भट्टियां बनाना और समय पर ग्राहकों तक पहुंचाना भी चुनौती बन गया है. शहर की ज्यादातर खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट से बड़ी संख्या में ऑर्डर आ रहे हैं.
गैस न मिलने की परेशानी के बीच शहर में बनी-बनाई भट्टियों की मांग अचानक काफी बढ़ गई है. चाय की दुकानों, रेस्टोरेंट और भोजालय चलाने वाले दुकानदार अब काम जारी रखने के लिए भट्टियों का सहारा ले रहे हैं. बाजार में एक भट्ठी की कीमत करीब 2000 से 2500 रुपये के बीच बताई जा रही है. कई ग्राहक इन्हें खरीदने दुकानों पर पहुंच रहे हैं, जिनमें से कुछ ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने से उनके काम पर असर पड़ने लगा है, इसलिए भोजालय या दुकान बंद न करनी पड़े, इसके लिए अब खाना भट्ठी पर ही पकाना पड़ रहा है. कुछ ग्राहकों ने यह भी बताया कि मांग ज्यादा होने की वजह से भट्टियां भी तुरंत नहीं मिल पा रही हैं, जिससे कई लोगों को तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में यह समस्या और बढ़ती नजर आ रही है. ग्राहकों का कहना है कि घरेलू सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत आ रही है, ऐसे में फिलहाल भट्ठी ही एक विकल्प बनकर सामने आई है. वहीं दुकानदारों का कहना है कि भट्टियों की मांग में अचानक काफी इजाफा हुआ है और सबसे ज्यादा ऑर्डर रेस्टोरेंट और खाने-पीने का कारोबार करने वालों की तरफ से आ रहे हैं.

