Uttar Pradesh

फर्म शुभम जायसवाल की, मोबाइल नंबर सपा नेता के भाई का, कफ सिरप तस्करी कांड में बड़ा खुलासा

ऋषभ मणि त्रिपाठी/लखनऊः कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट में शामिल सबसे बड़ी कंपनी का सपा नेता से कनेक्शन सामने आ गया है. मास्टरमाइंड फरार आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स से संबंध उजागर हुआ है. शैली ट्रेडर्स के ड्रग लाइसेंस और जीएसटी नंबर में सपा नेता के भाई का मोबाईल नंबर रजिस्टर्ड है. सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रवि यादव के भाई मिलिंद यादव का नंबर रजिस्टर्ड मिला है. मिलिंद यादव पर शैली ट्रेडर्स के जरिए कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने का शक है. मिलिंद यादव समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताया जा रहा है. आलोक सिंह के बाद अब सपा पदाधिकारी के भाई का नाम सामने आया है. बता दें कि इससे पहले कफ सिरप तस्करी केस के आरोपी आलोक सिंह की अखिलेश यादव के साथ तस्वीर सामने आई थी.

शुभम के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारीकोडीन कफ सिरप जमाखोरी और नशे के लिए इस्तेमाल करने के मामले में जांच एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं. जांच एजेंसी विदेश में छुपे बैठे आरोपी शुभम जायसवाल पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी हो रही है, तो वही बाकी फरार चल रहे हैं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार रेड भी हो रही है. कोडीन कफ सिरप जमाखोरी और नशा के लिए इस्तेमाल करने के मामले में अब तक तीन दर्ज़न से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. लेकिन, अभी भी इस गोरखधंधे में लिप्त कई आरोपी पुलिस और जांच एजेंसी के गिरफ्त से बाहर है.

शुभम और विकास नर्वे की तलाश जारीलिहाजा, ऐसे आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है जांच एजेंसी. कफ सिरप मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश एसटीएफ, योगी सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच कर रही है. इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी भी मनी लांड्रिंग के एंगल से मामले में तफ्तीश कर रही है. बताया जा रहा है कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और फरार आरोपी शुभम जायसवाल और उसका साथी विकास सिंह नार्वे की तलाश में पुलिस और जांच एजेंसी लगातार मशक्कत कर रही हैं. दोनों आरोपियों शुभम जायसवाल और विकास सिंह नार्वे के तमाम ठिकानों पर रेड हो रहा है. इनके तीन दर्जन से ज्यादा सहयोगियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी शुभम जायसवाल के खिलाफ एनबीडब्ल्यू और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की कार्रवाई जल्द करवाएगी.

शुभम जायसवाल की लोकेशन ढूंढ रही है जांच एजेंसीहाल ही में इस काले धंधे सिंडिकेट का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने अपना एक बयान सोशल मीडिया पर जारी किया था, जिसमें उसने अपने आप को बेकसूर बताया था. अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मदद मांग रही है और जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि यह वीडियो कहां से अपलोड किया गया है. आरोपी शुभम जायसवाल का आखिरी लोकेशन दुबई बताया जा रहा है. जांच एजेंसी उसे विदेशी धरती से वापस भारत लाने की तैयारी कर रही है. दरअसल, जिस आईपी एड्रेस से अपलोड किया गया है वहीं से मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल का पता लग सकता है और उसे पर शिकंजा कस सकता है.

सिरप की कमाई कहीं टेरर फंडिंग में तो नहीं खपाई?केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने यूपी एसटीएफ से इस मामले में गिरफ्तार बाकी आरोपियों की डिटेल मांगी है, जो जेल में बंद हैं. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले में जांच कर रही है. यह भी देखा जा रहा है कि इस गोरख धंधे की कमाई का इस्तेमाल कहीं टेरर फंडिंग में तो नहीं हो रहा था. प्रदेश में पहली बार इस मामले में सोनभद्र जिले में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ, उसके बाद इस मामले में इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ और जैसे-जैसे इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ा वैसे-वैसे और भी फिर प्रदेश के अन्य जिलों में दर्ज होते रहे और एक के बाद एक सभी आरोपियों के नाम निकलकर सामने आते रहे. इन्वेस्टिगेशन की गंभीरता को देखते हुए शुभम जायसवाल फरार हो गया और उसका आखिरी लोकेशन दुबई बताया जा रहा है. फिलहाल आरोपी शुभम जायसवाल की तलाश जारी है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की कुल 22 याचिकाआपको बता दें की इलाहाबाद हाई कोर्ट से मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत कई आरोपियों को करारा झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुभम जायसवाल समेत 22 याचिकाओं को खारिज करते हुए इनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट में दलील देते हुए राज्य सरकार के वकील अपर महाअधिवक्ता अनूप अनूप त्रिवेदी ने कहा कि कफ सिरप में कोडिंग फास्फेट नामक तत्व मिला है, जिसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा था. इसलिए मामला एनडीपीएस एक्ट का है. इसके प्रावधानों का याचियों ने उल्लंघन किया. फर्जी फर्म बनाकर सिर्फ कागज पर ट्रांजैक्शन दिखाए गए. वास्तव में कफ सिरप को चोरी छुपे नशे के लिए कई राज्यों में भेजा गया.

इन राज्यों में फैला कफ सिरप तस्करी का सिंडिकेटराज्य सरकार के वकील की इस दलील को इलाहाबाद हाईकोर्ट मान लिया और शुभम जायसवाल समेत सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया. बताया जा रहा है कि कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल सिंडिकेट यूपी, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम सहित अन्य राज्यों में स्टॉकिस्ट बने. लिहाजा जांच एजेंसी इस मामले में गंभीरता से लगातार जांच कर रही है और बाकी आरोपियों पर शिकंजा कसने की रणनीति बना रही है.

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