लखनऊः निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की बहाली एक बार फिर हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक 14 मार्च के बाद निलंबित आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश बहाल हो सकते हैं. इन्वेस्ट यूपी के पूर्व सीईओ और 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में निलंबित किया गया था. अभिषेक प्रकाश पर सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप था. घूसखोरी के आरोप में अभिषेक प्रकाश को सरकार ने 20 मार्च 2025 को निलंबित कर दिया था. हालांकि, फरवरी 2026 में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में साक्ष्य के अभाव में चार्जशीट रद्द कर दी थी.
रिश्वत मामले की एफआईआर 20 मार्च 2025 को गोमती नगर थाने में दर्ज की गई थी, जो एक कंपनी के प्रतिनिधि की तरफ से मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर आधारित थी. शिकायत में कहा गया था कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना की मंजूरी के लिए परियोजना लागत के 5 प्रतिशत की रिश्वत मांगी गई. निकांत जैन की तरफ से दलील दी गई कि आरोप अस्पष्ट, साक्ष्य विहीन और कंपटीशन व प्रशासनिक भ्रम का नतीजा है. साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि न तो कोई धनराशि दी गई, ना कोई संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति सौंपी गई, न ही किसी तरह की धमकी देने की भी बात सामने आई. इसके अलावा कहा गया कि कथित एक करोड़ रुपये नकद की कोई बरामदगी भी नहीं हुई.
अभिषेक प्रकाश के बारे में जानकारी यह है कि वे 2006 बैच के आईएएस अधिकारी है. उनका जन्म 21 दिसंबर 1982 में हुआ था. बिहार के रहने वाले अभिषेक प्रकाश ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2005 पास करके आईएएस बने अभिषेक प्रकाश की ऑल इंडिया आठवीं रैंक थी. अभिषेक प्रकाश लखीमपुर खीरी, लखनऊ, हमीरपुर, बरेली और अलीगढ़ जिले में डीएम और कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

