घर में डायबिटीज की हिस्ट्री है तो आपको बेहतर हेल्थ के लिए रोजाना अपना शुगर मॉनिटर करना चाहिए. क्योंकि आजकल की जीवनशैली और खानपान के कारण हाई शुगर (हाइपरग्लाइसीमिया) एक आम समस्या बन चुकी है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, हाइपरग्लेसेमिया वह कंडीशन है जब ब्लड ग्लूकोज का उपवास के दौरान 125 mg/dL से अधिक और भोजन के 2 घंटे बाद 180 mg/dL से अधिक होता है. हालांकि डायबिटीज इस समस्या का सबसे प्रमुख परिणाम है, लेकिन हाई शुगर को वक्त पर कंट्रोल न करने से इन गंभीर बीमारियों के होने का खतरा भी होता है.
मोटापा
हाई शुगर का शरीर में वसा जमा होने पर सीधा असर पड़ता है. जब शरीर में शुगर की अधिकता होती है, तो यह एक्स्ट्रा कैलोरी के रूप में फैट के रूप में बदल जाती है.
हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल
हाई शुगर के कारण खून में LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे दिल और खून की नसों पर बुरा असर पड़ता है. यह स्थिति आर्टिरियल ब्लॉकेज और दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है.
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हाई बीपी
हाइपरग्लाइसीमिया से हाइपरटेंशन का जोखिम भी पड़ जाता है. हाई शुगर से रक्त वाहिकाओं की दीवारों में सूजन और क्षति हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. ऐसे में हार्ट, किडनी और ब्रेन पर दबाव पड़ने के कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.
कैंसर
हाई शुगर से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. जब खून में शुगर ज्यादा होता है, तो यह कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि को बढ़ावा देता है, जो कैंसर के विकास का कारण बन सकता है.
अल्जाइमर
हाई शुगर के कारण दिमाग की कोशिकाओं पर खराब असर पड़ता है. लगातार हाई शुगर मस्तिष्क की संरचना को नुकसान पहुंचाता है, जिससे अल्जाइमर जैसी मानसिक बीमारियां हो सकती हैं. यह स्थिति मस्तिष्क की याददाश्त और सोचने की क्षमता को प्रभावित करती है.
फैटी लिवर रोग
हाइपरग्लाइसीमिया का एक और गंभीर प्रभाव लिवर पर पड़ता है. उच्च शुगर के कारण लिवर में फैट जमा हो सकता है, जिससे फैटी लिवर रोग (NAFLD) हो सकता है. इस स्थिति में लिवर में वसा जमा होने से लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस (लिवर का खराब होना) और लिवर कैंसर का कारण बन सकता है.
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Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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