Uttar Pradesh

Farming Idea : खोज रहे गेहूं का विकल्प? अगली बार लगाएं जौ की ये वैरायटी, कम लागत और कम मेहनत में डबल मुनाफा

Last Updated:January 28, 2026, 23:25 ISTBarley Farming : जौ का उगाने का समय नवंबर से दिसंबर के मध्य तक है. इस समय की बुवाई से तगड़ी पैदावार और मोटा दाना मिलता है. जौ की खेती कम लागत और कम पानी में आराम से हो जाती है. बुवाई से पहले खेत की अच्छी जुताई और टॉप किस्मों का चुनाव जरूरी है. जौ की खेती अच्छी जल निकासी वाली और बलुई दोमट मिट्टी में कर सकते हैं. बीज 35 से 40 किलो प्रति एकड़ लगता है. जौ में कुछ ऐसी वैरायटी भी आ रही हैं, जो बिना छिलके वाली हैं. शराब बनाने वाली कंपनियों में इनकी जबरदस्त मांग है. मुरादाबाद. गेहूं की खेती का विकल्प खोज रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है. अगली बार वे गेहूं की जगह जौ की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि एक्सपर्ट का मानना है कि मुरादाबाद में जौ की खेती करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है, खासकर अगर आप इसे जैविक तरीके से उगाते हैं और उससे आटा या अन्य उत्पाद बनाकर बेचते हैं. इसकी मांग बढ़ रही है और यह कम पानी और कम लागत में अच्छी पैदावार देता है. मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता लोकल 18 से बताते हैं कि जौ की खेती करने के लिए हल्की मिट्टी की आवश्यकता होती है. इसे ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत नहीं पड़ती.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के मुताबिक, जौ की खेती अच्छी जल निकासी वाली और बलुई दोमट मिट्टी में कर सकते हैं. बीज की बात करें तो 35 से 40 किलो प्रति एकड़ के हिसाब लगता है. 30 से 40 दिन के बाद खरपतवार नियंत्रण जरूरी हो जाता है. ये बहुत क्रिटिकल अवस्था होती है. जौ के खेत में खरपतवार न हों, इसका विशेष ध्यान रखना होता है. जौ की DW 123 अच्छी वैरायटी है. किसान भाई इसका बीज ले सकते हैं.

तीन से चार जुताई

जौ की खेती के लिए तीन से चार जुताई करनी होगी. जौ की डिमांड बढ़ रही है. इसमें कुछ ऐसी वैरायटी भी आ रही हैं, जो बिना छिलके वाली हैं. शराब बनाने वाली कंपनियों सहित कई जगहों पर इसकी खूब मांग है. इन दिनों लोग जौ का आटा भी बहुत पसंद करते हैं. इस वजह से किसान भाई इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Moradabad,Uttar PradeshFirst Published :January 28, 2026, 23:25 ISThomeagricultureखोज रहे गेहूं का विकल्प? अगली बार लगाएं जौ की ये किस्म, कम लागत में डबल मुनाफा

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