Farmers can Uplift income with Strawberry Cultivation up government providing subsidy



रिपोर्ट – निखिल त्यागी

सहारनपुर. यूपी के सहारनपुर जिला उद्यान विभाग द्वारा किसानों को परम्परागत खेती के अलावा बागवानी, नर्सरी, फूल आदि की खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है. वहीं, किसानों का रुझान भी इस ओर बढ़ रहा है. यही नहीं, इससे किसानों को आमदनी भी काफी हो जाती है. इसी क्रम में जिला उद्यान विभाग द्वारा किसानों को अब स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए भी जागरूक किया जा रहा है. जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष स्ट्रॉबेरी की खेती के क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है.

जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि जनपद में इस वर्ष करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू कराई गई है. पहले स्ट्रॉबेरी की खेती कम क्षेत्रफल में हो रही थी. साथ ही बताया कि विभाग ने राज्य उद्यान मिशन योजना के अन्तर्गत इस वर्ष किसानों को इस योजना से जोड़कर इसका क्षेत्रफल बढ़ाया गया है. इस वर्ष करीब 5 हेक्टेयर रकबा बढ़ गया है.

सितंबर से अप्रैल तक स्ट्रॉबेरी के लिए उपयुक्त समयअरुण कुमार ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करने के लिए सितंबर से अप्रैल तक का समय सबसे उपयुक्त होता है. इस दौरान 15 से 30 डिग्री तापमान में स्ट्रॉबेरी खेती बहुत अच्छी तैयार हो जाती है. उन्होंने बताया कि जनपद की जलवायु और मिट्टी दोनों ही स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए अनुकूल है. जबकि जनपद में दैनिक प्रयोग व प्रशिक्षण केंद्र कम्पनी बाग द्वारा इस खेती के लिए ट्रेनिग भी दी जाती है.

कैसे तैयार करें स्ट्रॉबेरीजिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर माह में लगाए जाते हैं. पौधे खेत में मेढ़ के ऊपर लगाए जाते हैं. मेढ़ की चौड़ाई करीब डेढ फीट और ऊंचाई करीब 15 सेंटीमीटर होनी चाहिए. इस विधि से एक हेक्टेयर खेत में स्ट्रॉबेरी के 60 हजार पौधे लगाए जाते हैं. स्ट्रॉबेरी की ड्रिप सिंचाई होती है. उन्होंने बताया कि पौधे लगाते समय पॉलीथिन की मल्चिंग की जाती है. यदि मल्चिंग नहीं गई, तो जनवरी माह में लगने वाला स्ट्रॉबेरी का फल खराब हो जाता है. उन्होंने कहा कि इस विधि से यदि किसान स्ट्रॉबेरी की खेती एक हेक्टेयर में करता है, तो उसे 6 माह की इस फसल में 8 से 10 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है.

स्ट्रॉबेरी के फायदेजिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि स्ट्रॉबेरी खाने से शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है. इसमें विटामिन से लेकर फोलिक एसिड, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे कई खनिज पाए जाते हैं. साथ ही अरुण कुमार ने बताया कि जनपद के किसानों की स्ट्रॉबेरी देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली और अम्बाला जा रही है. किसानों को स्ट्रॉबेरी के फल की कीमत 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है. साथ ही बताया कि स्ट्रॉबेरी खेती के लिए उद्यान विभाग द्वारा किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जा रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|Tags: Farmers, Saharanpur news, UP GovernmentFIRST PUBLISHED : March 08, 2023, 07:20 IST



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