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estrogen hormones increase brain tumor risk in women neuro specialist told who needs routine checkup| महिलाओं में ब्रेन ट्यूमर का रिस्क बढ़ाती हैं ये हार्मोन, न्यूरो स्पेशलिस्ट ने बताया किन्हें रेगुलर जांच की जरूरत



ब्रेन ट्यूमर का खतरा महिला और पुरुष दोनों में होता है. लेकिन कुछ ट्यूमर महिलाओं में ज्यादा पाए जाते हैं, खासकर उनके प्रजनन वर्षों के दौरान. महिलाओं के शरीर में जीवनभर कई हार्मोनल बदलाव होते हैं — जैसे कि पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज. इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन मुख्य भूमिका में होते हैं जो शरीर की कई प्रक्रियाओं को कंट्रोल करते हैं, जिसका असर आपके ब्रेन पर भी हो सकता है. 
डॉ. आदित्य गुप्ता, डायरेक्टर – न्यूरोसर्जरी और साइबरनाइफ, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम बताते हैं कि रिसर्च के अनुसार, कुछ ब्रेन ट्यूमर, खासकर मेनिंजियोमा, महिलाओं में अधिक आम हैं और इनमें सेक्स हार्मोन के रिसेप्टर्स पाए जाते हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि ये हार्मोनल बदलाव ट्यूमर की वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं.
इसे भी पढ़ें- न्यूरोलॉजिस्ट ने इन 5 लक्षणों को लेकर दी चेतावनी, पहचाने में देरी ब्रेन ट्यूमर को बना सकती है जानलेवा
 
क्या है मेनिंजियोमा ब्रेन ट्यूमर
मेनिंजियोमा एक ऐसा ब्रेन ट्यूमर है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियों से पैदा होता है. यह आमतौर पर कैंसर नहीं होता. यह ट्यूमर महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लगभग दो गुना अधिक देखा गया है. 
ब्रेन ट्यूमर और हार्मोन का कनेक्शन
एक्सपर्ट बताते हैं कि अधिकतर मेनिंजियोमा में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर पाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये हार्मोन ट्यूमर की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं. इसके साथ ही कुछ महिलाओं में प्रेग्नेंसी या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के दौरान ट्यूमर बढ़ते देखे गए हैं.
अन्य ब्रेन ट्यूमर और लिंग का फर्क
हालांकि मेनिंजियोमा का हार्मोन से सीधा संबंध पाया गया है, लेकिन अन्य ब्रेन ट्यूमर जैसे ग्लियोमा पुरुषों में थोड़े अधिक पाए जाते हैं. इससे यह अंदाजा लगाया गया है कि हार्मोन का प्रभाव ट्यूमर के प्रकार पर निर्भर करता है. 
इन महिलाओं को ज्यादा खतरा
सामान्य हार्मोनल बदलाव, जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज, किसी महिला के ब्रेन ट्यूमर का कारण नहीं बनते. लेकिन जो महिलाएं लंबे समय तक HRT, बर्थ कंट्रोल पिल्स ले रही हैं या जिनके परिवार में ब्रेन ट्यूमर का इतिहास है, उन्हें रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए. 
इस बात का ध्यान रखें
हालांकि हार्मोन अकेले ब्रेन ट्यूमर के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि वे एक अहम भूमिका निभा सकते हैं. भविष्य में इस दिशा में और शोध होने से महिलाओं के लिए पर्सनलाइज्ड और टार्गेटेड ट्रीटमेंट की संभावना बढ़ सकती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.



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