ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से हमले के बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में कई परिवार चिंता में हैं. जानकारी के अनुसार जिले के करीब एक दर्जान छात्र और इस्लामिक स्कॉलर इस समय ईरान के कोम शहर में पढ़ाई कर रहे हैं. हमले के बाद कुछ लोगों से संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है.
बाराबंकी के कई छात्र ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, आबिद हुसैन काज़मी, अली मेहदी रिज़वी, सैयद काशिफ रिज़वी, फातिमा रबाब, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद काज़िम, मौलाना फैज़ बाकरी और कटरा निवासी मौलाना अली मेहदी शामिल हैं. इनमें से मौलाना जफर फैजी के भाई मौलाना अब्बास मेंहदी ने बताया कि हमले के समय उनकी भाई से बात हुई थी. उनके अनुसार क़ुम शहर के बॉर्डर क्षेत्र में हमला हुआ था, लेकिन फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और आम जनजीवन सामान्य है.
वहीं अधिवक्ता दिलकश रिजवी ने कहा कि शुरुआती संपर्क के बाद दोबारा बातचीत नहीं हो सकी, जिससे परिवार परेशान है. परिजन मस्जिदों में एकत्र होकर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. मौजूदा हालात ने जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.
इस बीच ईरानी मीडिया के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति खामेनेई की मौत हो गई है. यह खबर अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है, लेकिन इससे जिले में चिंता का माहौल और भी बढ़ गया है. परिवारों की बेचैनी और सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग जारी है.

