उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को बड़ा झटका, मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण ऑर्डर रुक गए
उत्तर प्रदेश के कानपुर में निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है. मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण विदेशी खरीदारों ने अपने ऑर्डर रोक दिए हैं. खाड़ी देशों में ईद के मौके पर हर साल कानपुर के चमड़ा और फुटवियर उत्पादों की भारी मांग रहती है, लेकिन इस बार युद्ध की वजह से पूरा कारोबार प्रभावित हो गया है.
दुबई, यूएई, ओमान समेत कई खाड़ी देशों के लिए लगाए गए बड़े ऑर्डर फिलहाल होल्ड पर चले गए हैं. केवल दो दिनों के भीतर ही कानपुर के करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के निर्यात ऑर्डर रुक गए हैं. वहीं कुल मिलाकर चमड़ा उद्योग से जुड़े करीब एक हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड होने की बात सामने आ रही है.
ईद के बाजार पर सबसे बड़ा असर
खाड़ी देशों में ईद के दौरान भारतीय उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है. कानपुर से बड़ी संख्या में चमड़े के जूते, सेफ्टी शूज, बैग, बेल्ट और अन्य लेदर उत्पाद हर साल इन देशों में भेजे जाते हैं. इस साल भी ईद को देखते हुए कई निर्यातकों ने पहले से ही बड़े ऑर्डर ले रखे थे और फैक्ट्रियों में तेजी से उत्पादन चल रहा था. लेकिन मिडिल ईस्ट में अचानक बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण विदेशी खरीदारों ने फिलहाल अपने ऑर्डर रोक दिए हैं. कई जगहों पर शिपमेंट भी अटक गए हैं. इससे निर्यातकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
हजारों करोड़ के कारोबार पर संकट
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि मौजूदा स्थिति निर्यातकों के लिए बेहद संवेदनशील है. उन्होंने बताया कि यूएई, दुबई और ओमान भारतीय निर्यातकों के लिए लंबे समय से बड़े बाजार रहे हैं. यहां हर साल बड़ी मात्रा में भारतीय उत्पाद पहुंचते हैं. लेकिन मौजूदा हालात में निर्यातकों को नए ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं. अनुमान है कि आने वाले 10 से 15 दिनों में भारतीय निर्यातकों को डेढ़ से दो हजार करोड़ रुपये तक के ऑर्डर का नुकसान हो सकता है.
चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा झटका
काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन का कहना है कि दुबई और यूएई में कानपुर के चमड़ा उत्पादों की हर सीजन में अच्छी मांग रहती है. लेकिन मौजूदा हालात में कानपुर के चमड़ा निर्यातकों के करीब एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर होल्ड हो चुके हैं. उनका कहना है कि इन परिस्थितियों से उबरने में कई महीनों का समय लग सकता है.
वहीं काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी का कहना है कि निर्यातकों के लिए यह बेहद कठिन समय है. फिलहाल खाड़ी देशों से ऑर्डर लगभग बंद हो चुके हैं. ऐसे में निर्यातकों को धैर्य रखना होगा और हालात सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा. अगर जल्द स्थिति सुधरती है तो कारोबार फिर से पटरी पर लौट सकता है. फिलहाल सभी की नजर आने वाले कुछ दिनों पर टिकी हुई है.

